सार्वजनिक वाहनों में पैनिक बटन और ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य
नहीं तो रद्द हो सकता है फिटनेस प्रमाणपत्र

अमरावती /दि.6 – महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक परिवहन वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए हैं. नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में सभी सार्वजनिक परिवहन वाहनों में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाने का नियम लागू किया था. इसके बावजूद अब तक बहुत कम वाहनों में यह सुरक्षा प्रणाली स्थापित की गई है. इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया है. निर्देशों के तहत टैक्सी, कैब, बस और अन्य यात्री वाहनों में पैनिक बटन तथा वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा. यह प्रणाली वाहन की वास्तविक समय की लोकेशन ट्रैक करने में मदद करेगी और किसी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में सहायक होगी. पैनिक बटन दबाते ही वाहन की लोकेशन सहित आपातकालीन संदेश सीधे पुलिस कंट्रोल रूम और परिवहन विभाग के सर्वर तक पहुंच जाएगा. इससे विशेष रूप से महिलाओं, युवतियों और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी. साथ ही वाहन में स्थापित ट्रैकिंग सिस्टम को केंद्र सरकार के अधिकृत पोर्टल और वाहन निगरानी प्रणाली से जोड़ना भी आवश्यक होगा, जिससे परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियां वाहनों की निगरानी कर सकें.
परिवहन विभाग के अनुसार जिन सार्वजनिक वाहनों में यह सुरक्षा व्यवस्था नहीं होगी, उन्हें वार्षिक फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा. इसके अलावा नियमों का लगातार उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है. यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की जांच की जाएगी. अधिकारियों ने वाहन मालिकों से जल्द से जल्द पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस स्थापित कराने की अपील की है, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके.





