मोर्शी में सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन अदालत आयोजित

लंबित मामलों पर हुई चर्चा

मोर्शी /दि.16– सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन संबंधी लंबित समस्याओं के समाधान के लिए पंचायत समिति मोर्शी के शिक्षा विभाग की ओर से पंचायत समिति सभागार में पेंशन अदालत आयोजित की गई. कार्यक्रम में समूह शिक्षा अधिकारी नितीन उंडे तथा प्रशासन अधिकारी राजेश पवार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.
बैठक में शिक्षा विभाग के अधीक्षक दीपक निवल, प्रवीण बिजवे, वैशाली चावके, पेंशन विभाग के सारंग नारिंगे, रंजना ठाकरे तथा वित्त विभाग की माधुरी कोकाटे भी मौजूद थीं. साने गुरुजी सेवानिवृत्त शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेंद्र देशमुख ने पंडित देशमुख की जून माह की लंबित पेंशन का पूरक बिल जारी करने, पेंशन कम्यूटेशन (कटौती) की 15 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद भी जारी कटौती को तत्काल बंद करने, अतिरिक्त काटी गई राशि लौटाने तथा पेंशन कम्यूटेशन की शुरुआत और समाप्ति की तिथि का अलग रजिस्टर रखने की मांग की. बैठक में सेवानिवृत्त शिक्षकों के महंगाई भत्ते (डीए) की बकाया राशि का मुद्दा भी उठाया गया. इस पर वैशाली चावके ने बताया कि संबंधित बिल वित्त विभाग को भेज दिया गया है.
संघ के सचिव किशोर मानकर ने आरोप लगाया कि पेंशन बिल वित्त विभाग में पहुंचने के बावजूद विभाग द्वारा उसके प्राप्त नहीं होने की बात कहकर सेवानिवृत्त शिक्षकों को गुमराह किया जा रहा है. वहीं अनिल कडू ने लंबित पीपीओ (पेंशन पेमेंट ऑर्डर) के संबंध में जानकारी मांगी, जबकि पंडित देशमुख ने भी अपने विचार रखे. बैठक में पेंशन से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों की समीक्षा की गई. इस अवसर पर मधुकर सोमकुवर, किशोर मानकर, राजेंद्र देशमुख, बाबूराव वानखड़े, भरत राऊत, पंडित देशमुख, अनिल कडू, आर. एम. कोलमकर, के. यू. सिरसाट, धनंजय अडोकार, दीपक वानखड़े, एस. एल. भांगे, पी. आर. निशान, संजय वानखड़े, शांतीदास उमप, संदीप सोनलकर, भास्कर मोकलकर, फुले, नेहा टोंगसे, रेखा जिचकार सहित संघ के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन अनिल कडू ने किया.

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