पिंक ई-रिक्शा योजना में अनुदान दोगुना, लाभार्थियों की संख्या घटी
अमरावती में 450 आवेदन, अब तक केवल 16 महिलाओं को मिला लाभ, रोजगार से जोड़ने की पहल को नई उम्मीद

अमरावती/दि.15 – अमरावती. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पिंक ई-रिक्शा योजना’ में बड़ा बदलाव किया गया है. सरकार ने ई-रिक्शा खरीदने पर मिलने वाले अनुदान को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया है. हालांकि, इसके साथ ही योजना के लाभार्थियों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की कटौती किए जाने से कई इच्छुक महिलाओं की उम्मीदों को झटका भी लगा है.
अमरावती जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग को योजना के लिए 450 आवेदन प्राप्त हुए हैं, लेकिन अब तक केवल 16 महिलाओं को ही पिंक ई-रिक्शा का लाभ मिल सका है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार संशोधित नीति के तहत चयनित महिलाओं को ही योजना का लाभ दिया जाएगा.
* महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल
राज्य सरकार ने महिलाओं और युवतियों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से पिंक ई-रिक्शा योजना शुरू की है. योजना के तहत महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराकर उन्हें सार्वजनिक परिवहन सेवा से जोड़ा जाता है, जिससे वे सम्मानजनक आय अर्जित कर सकें. सरकार का मानना है कि यह योजना महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा देगी.
* अब 40 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान
संशोधित नियमों के अनुसार ई-रिक्शा की कुल कीमत का 40 प्रतिशत हिस्सा सरकार अनुदान के रूप में देगी. इससे पहले यह अनुदान केवल 20 प्रतिशत था. नई वित्तीय संरचना के तहत 40 प्रतिशत राशि सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जाएगी. 50 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी. 10 प्रतिशत राशि लाभार्थी महिला को स्वयं वहन करनी होगी. सरकार का मानना है कि अनुदान बढ़ने से महिलाओं पर आर्थिक बोझ कम होगा और अधिक महिलाएं योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगी.
* लाभार्थियों की संख्या में 50 प्रतिशत कटौती
हालांकि अनुदान राशि बढ़ाई गई है, लेकिन योजना के लक्ष्यों और लाभार्थियों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत की कमी की गई है. इसके कारण बड़ी संख्या में आवेदकों को प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है. अमरावती जिले में प्राप्त 450 आवेदनों के मुकाबले अब तक केवल 16 महिलाओं को योजना का लाभ मिलना इस चुनौती को दर्शाता है. कई महिलाओं को अभी चयन प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है.
* कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक महिला को कुछ निर्धारित पात्रताओं को पूरा करना आवश्यक है, महाराष्ट्र की निवासी होना अनिवार्य. आयु 20 से 45 वर्ष के बीच हो. वैध ऑटो रिक्शा चालक लाइसेंस होना चाहिए. शासन द्वारा निर्धारित आय संबंधी शर्तों की पूर्ति आवश्यक है.
* आवेदन की प्रक्रिया
इच्छुक महिलाएं महिला एवं बाल विकास विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं. इसके अलावा जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय में जाकर ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है. आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद पात्रता की जांच की जाती है और चयनित लाभार्थियों को योजना का लाभ प्रदान किया जाता है.
* रोजगार और सशक्तिकरण का माध्यम
विशेषज्ञों का मानना है कि पिंक ई-रिक्शा योजना केवल परिवहन सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. अनुदान बढ़ाए जाने से योजना अधिक आकर्षक बनी है, लेकिन लाभार्थियों की संख्या में कटौती के कारण अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक इसका लाभ पहुंचाना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी.
अमरावती जिले की सैकड़ों महिलाएं अब भी योजना के तहत चयन और स्वीकृति का इंतजार कर रही हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि पात्रता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से लाभ वितरण की प्रक्रिया जारी है.