राणा दम्पति परिवार सहित विदेश दौरे पर

नवनीत व रवि राणा पहुंचे न्यूझीलैंड

* सुनील राणा भी पत्नी व माता-पिता के साथ विदेश में
* नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद राणा परिवार की होगी स्वदेश वापसी
* राणा परिवार के कदम से हर कोई हैरत में, चुनावी धामधुम से दूरी को लेकर आश्चर्य
* युवा स्वाभिमान भले ही चुनाव से दूर, महायुति के साथ बनी रहेगी पार्टी
अमरावती/दि.26- इस समय अमरावती जिले में स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर जबरदस्त ढंग से राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं. जिसके तहत मुख्य मुकाबला महायुति एवं महाविकास आघाडी के बीच ही दिखाई दे रहा है और महायुति की ओर से भाजपा तथा महाविकास आघाडी की ओर से कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने समीकरण साधने में जुटी हैं, लेकिन इसी बीच भाजपा नेत्री नवनीत राणा तथा उनके पति एवं महायुति के घटक दल रहनेवाली युवा स्वाभिमान पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष विधायक रवि राणा इस समय अपने परिवार सहित अमरावती छोडकर विदेश दौरे पर है. पूर्व सांसद नवनीत राणा एवं विधायक रवि राणा का ऐन चुनावी गहमा गहमी के बीच इस तरह से परिवार सहित विदेश दौरे पर जाना इस वक्त राजनीतिक हलकों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है.
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व सांसद नवनीत राणा एवं उनके पति व विधायक रवि राणा इन दिनों न्यूज़ीलैंड में हैं, जबकि विधायक राणा के भाई सुनील राणा भी अपनी पत्नी बच्चों तथा माता-पिता के साथ किसी अन्य स्थान की विदेश यात्रा पर बताए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक राणा परिवार नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही भारत लौटेगा. ऐसे समय में जब अमरावती की राजनीति पूरी तरह विधान परिषद चुनाव के इर्द-गिर्द घूम रही है, तब राणा परिवार की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. खासकर इसलिए भी क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में अमरावती की राजनीति में राणा दंपति लगातार आक्रामक और सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं.
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि युवा स्वाभिमान पार्टी भले ही इस चुनाव में सीधे तौर पर उम्मीदवार नहीं उतार रही हो, लेकिन महायुति के समर्थन में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है. ऐसे में चुनावी दौर के बीच राणा परिवार का विदेश दौरा राजनीतिक दृष्टि से असामान्य माना जा रहा है. कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे पूर्व नियोजित निजी दौरा मान रहे हैं, जबकि विरोधी खेमों में इसे लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं. विपक्षी नेताओं का मानना है कि जब महायुति चुनाव को प्रतिष्ठा का विषय मानकर पूरी ताकत झोंक रही है, तब उसके सहयोगी दल के प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति कई संदेश दे सकती है.
हालांकि राणा समर्थकों का कहना है कि युवा स्वाभिमान पार्टी महायुति के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और चुनावी रणनीति पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. बावजूद इसके, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा लगातार बनी हुई है कि आखिर इतने महत्वपूर्ण समय में राणा परिवार ने विदेश दौरे का फैसला क्यों किया.
अमरावती की राजनीति में राणा दंपति की सक्रियता को देखते हुए उनकी हर राजनीतिक गतिविधि पर नजर रहती है. यही कारण है कि इस विदेश दौरे को सामान्य निजी यात्रा के बजाय राजनीतिक दृष्टि से भी देखा जा रहा है.

Back to top button