राजस्व कर्मियों की हडताल शुरू

राजस्व दफ्तर सूने-सूने, कामकाज ठप

* हजारों का सहभाग
* पुरानी पेंशन, रिक्त पदों की भर्ती, कैशलेस ट्रिटमेंट की मांगें
अमरावती/ दि.21- अमरावती जिला महसूल कर्मचारी संगठन ने आज 21 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हडताल शुरू कर दी हैं. जिले के सभी लगभग 400 कर्मी हडताल में सहभागी होने का दावा अध्यक्ष ब्रिजेश वस्तानी ने अमरावती मंडल से चर्चा दौरान किया और बताया कि, जिलाधीश कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया गया.
ब्रिजेश वस्तानी ने बताया कि, संगठन की 18 मांगें है. जिसमें पुरानी पेंशन योजना के साथ ही कैशलेस ट्रिटमेंट, रिक्त पदों की पूर्ति, विभाग की एग्जाम का पैटर्न बदलने संबंधित मांगे है. अध्यापकों का विषय भी जोडा गया है. उन्होंने बताया कि, सरकारी-नीम सरकारी, शिक्षक-शिकेत्तर कर्मचारी समन्वय समिति इस हडताल में शामिल है. अध्यापकों की भी ढेर सारी डिमांड रखी जाएगी. उन्होंने बताया कि, 7 बार ध्यानाकर्षण आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री से भेंट के लिए प्रयत्न किये गये किंतु सीएम को 15 माह से समय ही नहीं मिल पाया. ऐसे में अब कर्मचारियों के पास बेमुद्दत हडताल के शिवाय उपाय नहीं बचा है. हडताल में अमरावती जिले में 1 हजार से अधिक कर्मचारी सहभागी होंगे.
हडताल का नेतृत्व ब्रजेश वस्तानी, अंबादास काकडे,रितुराज पटोरकर, रामानंद सरस्वती, महेंद्र सिंह ठाकुर, प्रमोद काले, किशोर धवने, सतीश कापडे, फारूख खान, विवेक आकोलकर, सुशील पवार, निलेश दडमल, अनंता मानके, श्रध्दा देशमुख, लता पुंड, रूपाली आंबेकर, माधुरी सगने, अभिजीत भेंडे, योगेश रेवस्कर, नकुल आले, सचिन पवार, सचिन कन्नमवार, सहित बडी संख्या में अधिकारी कर्मी कर रहे हैं. बेमियादी हडताल होने से आज जिलाधीश कार्यालय सहित उपनिबंधक और भूमि अभिलेख सहित दफ्तर सूने-सूने रहे. कार्यालय खुले, उच्च अधिकारी आए, किंतु कर्मचारी नहीं होने से राजस्व सहित विभागों का कामकाज ठप रहा. इस बीच संगठन ने सरकार से वार्ता की तैयारी दर्शायी हैं.

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