बीजों की खरीदी में जालसाजी का खतरा

किसानों द्बारा सावधानी व सतर्कता बरतने की जरूरत

अमरावती/दि.25- अब खरीफ का सीजन शुरू होने में महज 8 दिन का समय शेष है. इसके चलते सभी किसान बुआई पूर्व कामों में व्यस्त है और बारिश शुरू होते ही बुआई शुरू करने की तैयारी भी कर रहे हैं. वही दूसरी ओर इस समय बाजार में बोगस बीजो को बिक्री हेतु उपलब्ध कराए जाने का खतरा भी बना हुआ हैं. जिसके चलते किसानों द्बारा बीज खरीदते समय सावधानी व सतर्कता बरते जाने की सख्त जरूरत है.
बता दें कि 1 जून से बारिश का मौसम शुरू होने की बात को ग्राह्य माना जाता है और मानसून की आहट सुनाई देते ही खरीफ सीजन की गहमा गहमी शुरू हो जाती है. क्योंकि इस समय तेज धूप पडने के साथ ही भीषण ग्रीष्मलहर चल रही है. जिसके चलते बीजों के बाजार में लगभग पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है. लेकिन जैसे ही मानसुन शुरू होकर आसमान से पानी बरसना शुरू हो जाएगा, वैसे ही किसानों द्बारा बीजों के साथ-साथ खाद की खरीदी भी जमकर की जाएगी और सभी कृषी सेवा केंद्रों में बीजो की खरीदारी के लिए किसानों की जबरदस्त भीड उमडेगी. इस बात का फायदा उठाते हुए कुछ कंपनियों द्बारा बोगस अथवा निकृष्ट दर्जे वाले बीज बिक्री हेतु उपलब्ध कराए जाने की पूरी संभावना भी हैं. जिसके चलते किसानों के बीजों की खरीदी करते समय बेहद सावधान व सतर्क रहना होगा.

* विश्वास वाली जगह से ही करे बीजो की खरीदी
किसानों ने हमेशा ही किसी विश्वास वाली जगह एवं अधिकृत लाइसेंस धारक विक्रेता से ही बीज खरीदने चाहिए और इसकी पक्की रसीद भी लेनी चाहिए. साथ ही कभी भी किसी अनधिकृत व्यक्ति से सस्ते में मिलनेवाले बीज नहीं खरीदने चाहिए.

* पॅकेजिंग की पहले करे जांच
बीजों की खरीदी करते समय यह जरूर देखे की उसका पैकेट कहीं से भी कटा-फटा और दुबारा सीला हुआ न हो. पैकेट के सीलबंद रहने की पुष्टी करने के साथ ही पैकेट पर लॉट नंबर, बीज का प्रकार, कंपनी के नाम एवं एक्सपायरी डेट की जांच भी की जानी चाहिए.

* खाली थैली को संभालकर रखे
बुआई होने के बाद बीज के खाली पैकेट और कुछ बीजों को संभालकर रखना चाहिए. यदि बीज अंकुरीत नहीं हुए तो शिकायत करते समय बचे हुए बीज, खाली पैकेट और पक्की रसीद ही कानूनी सबुत साबित होते हैं.

* शुध्दता व अंकुरण क्षमता को कहा जांचे
बीजों की अंकुरण क्षमता को घर पर ही जांचा जा सकता है. वहीं कोई शंका रहने पर जिला बीज परीक्षण प्रयोग शाला में सैंपल देकर तकनीकी शुध्दता को भी जांचा जा सकता है.

* सालभर में कितनी कार्रवाई व अपराध दर्ज
बोगस बीजो की बिक्री करनेवालों के खिलाफ बीज अधिनियम 1966 के अनुसार कार्रवाई की जाती हैं. विगत सीजन में 63 विक्रेताओं के लाईसेंस रद्द अथवा निलंबीत किए गए थे.

* साल भर में कितने सैम्पल निकले बोगस
कृषि विभाग द्बारा विगत एक साल के दौरान बीज, खाद व किट नाशकों के 2971 सैम्पल जांच हेतु लिए गए. जिसमें से 124 सैम्पलों को अदालती मुकदमों के लिए पात्र माना गया.

* कहा करे शिकायत
बीज व खाद के बोगस निकलने तथा जालसाजी होने पर तहसील कृषि कार्यालय व जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कार्यालय सहित नियंत्रण कक्ष में 8080536602 इस क्रमांक पर शिकायत भी की जा सकती है.

* किसानों को लाईसेस धारक दूकानों से ही बीज की खरीदी करनी चाहिए और पक्की रसीद भी लेनी चाहिए इसके अलावा बोगस बीजों को लेकर कोई भी शंका अथवा शिकायत रहने पर तत्काल ही कृषि विभाग से संपर्क साधना चाहिए.
– राहुल सातपुते,
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी अमरावती.

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