अमरावती सीट पर कांग्रेस की ओर से हर्षजीत देशमुख का नाम तय
कल 30 मई को नागपुर से अमरावती पहुंचकर दायर करेंगे नामांकन

अमरावती/दि.29 – राज्य के 17 निकाय निर्वाचन क्षेत्रों में विधान परिषद के लिए होने जा रहे चुनाव हेतु महाविकास आघाडी में 15 सीटों के लिए सीट बंटवारे का फार्मूला तय हो चुका है. जिसमें अमरावती सीट कांग्रेस के हिस्से में रहने देने को लेकर सहमति भी बनी हैं. इसके साथ ही यह भी लगभग तय हो गया है कि अमरावती में मविआ की ओर से कांग्रेस की टिकट पर हर्षजीत देशमुख को प्रत्याशी बनाया जायेगा और हर्षजीत देशमुख द्बारा कल शनिवार 30 मई को नागपुर से अमरावती आकर जिलाधीश कार्यालय में अपना नामांकन आवेदन प्रस्तुत किया जायेगा.
बता दें कि नागपुर निवासी उद्योजग हर्षजीत देशमुख कांग्रेस की टीकट पर अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद का चुनाव लडने की इच्छा काफी पहले ही जाहीर कर चुके हैं और उन्होंने विगत कुछ दिनों से अमरावती जिले के अलग-अलग निकायों के मतदाता सदस्यों से मुलाकात करते हुए अपना जनसंपर्क अभियान भी शुरू कर दिया था. ऐसे में हर्षजीत देशमुख की दावेदारी को कांग्रेस में सबसे मजबूत माना जा रहा था. वहीं अब कांग्रेस की ओर से हर्षजीत देशमुख की दावेदारी लगभग तय हो गई है और वे कल 30 मई को अमरावती आकर कांग्रेस सहित महाविकास आघाडी के स्थानीय नेताओं के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष विधान परिषद के चुनाव हेतु अपना नामांकन प्रस्तुत कर सकते हैं.
विशेष उल्लेखनीय है कि इस समय अमरावती के स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र में विधान परिषद के चुनाव को लेकर चल रही अच्छी खासी गहमा-गहमी के बीच सर्वाधिक उत्सुकता इस बात को लेकर ही देखी जा रही है कि इस बार विधान परिषद के लिए अमरावती सीट से कांग्र्रेस द्बारा किसे अपना प्रत्याशी बनाया जाता है, इसी बीच मुलत: नागपुर से वास्ता रखनेवाले एवं मिहान क्षेत्र में एक बडे उद्योग के संचालक रहनेवाले हर्षजीत देशमुख ने कांग्रेस की टिकट पर अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद का चुनाव लडने की इच्छा जताई. साथ ही हर्षजीत देशमुख ने अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न स्थानीय स्वायत्त निकायों के पदाधिकारियों व सदस्यों से संपर्क करना शुरू किया. वही इस दौरान अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी की ओर से किसी भी अन्य नेता या पदाधिकारी द्बारा चुनाव लडने को लेकर दावेदारी या इच्छा सामने नहीं आयी. जिसके चलते तय हो गया कि अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद की सीट के लिए कांग्रेस की ओर से हर्षजीत देशमुख की दावेदारी ही लगभग तय है और वे कल 30 मई को कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरते हुए अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र में विधान परिषद की सीट हेतु अपनी दावेदारी पेश कर सकते है.
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* जिले में कांग्रेस की स्थिति भी बेहद मजबूत
ज्ञात रहे कि अमरावती के स्थानीय स्वायत्त निकाय निर्वाचन क्षेत्र में कुल 453 वोट हैं. जिसमें से कांग्रेस के पास 120 वोट रहने के साथ ही महाविकास आघाडी में कांग्रेस के मित्र पक्ष रहनेवाले शिवसेना उबाठा के पास 22 व शरद पवार गुटवाली राकांपा के पास 11 वोट हैं. इसके चलते मविआ प्रत्याशी को 153 सदस्यों के वोट व समर्थन मिल सकते हैं. इसके साथ ही जिले के स्थानीय स्वायत्त निकायों में एमएआईम के 16 वोट है. जबकि बसपा, समाजवादी पार्टी व वंचित बहूजन आघाडी के सदस्यों सहित निर्दलियों सदस्यों के वोटों की संख्या 34 हैं. यदि भाजपा प्रत्याशी व महायुति के खिलाफ इन वोटो को मविआ द्बारा अपने पाले में किया जाता है तो कांग्रेस प्रत्याशी के पास 203 वोट हो सकते हैं. जिसके चलते जिले में इस बार कांग्रेस की स्थिति को काफी मजबूत माना जा रहा है तथा भाजपा व कांग्रेस के बीच मुकाबला काफी टक्करवाला हो सकता है. संभवत: इसी बात को ध्यान में रखते हुए नागपुर से वास्ता करनेवाले हर्षजीत देशमुख ने कांग्र्रेस प्रत्याशी के तौर पर अमरावती सीट से चुनाव लडने की इच्छा जताते हुए विभिन्न निकायों के सदस्यों से संपर्क करने के साथ ही उनके साथ ‘कुछ मीठा हो जाए’ करना शुरू किया. जिनकी दावेदारी को लगभग तय एवं काफी हद तक मजबूत भी माना जा रहा है.

वासंती मंगरोले के नाम की भी थी चर्चा, चुनाव लडने से किया इंकार
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि अमररावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर पूर्व जिप सदस्य वासंती मंगरोले के नाम की भी अच्छी खासी चर्चा चल रही थी. लेकिन वासंती मंगरोले द्बारा खुद ही विधान परिषद का चुनाव लडने से इंकार करते हुए, ऐसी चर्चाओं पर विराम लगा दिया गया.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व जिप सदस्य वासंती मंगरोले के बेटे कंवलजीतसिंह मंगरोले का राजस्थान व दिल्ली में ठेकेदारी से संबंधित काफी बडा कारोबार हैं तथा उनके राजस्थान व दिल्ली से वास्ता रखनेवाले कई बडे नेताओं के साथ बेहद घनिष्ठ संबंध भी है. जिसके चलते पूर्व जिप सदस्य वासंती मंगरोले द्बारा कांग्रेस की टिकट पर विधान परिषद का चुनाव लडने से इंकार किया गया है.





