त्योहारों के मद्देनजर 110 प्रतिष्ठानों से लिए सैम्पल
अन्न व औषधि प्रशासन विभाग ने तेज की जांच

* गुजरात, नासिक और नांदुरा से आने वाले खोवा की गुणवत्ता पर बारीक नजर
अमरावती/दि.10 – नवरात्रि के साथ ही दशहरा, दिवाली का पर्व सामने है. ऐसे में मिठाई, तेल, पनीर और खोवा सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की मांग बढ जाती है. मांग में अचानक वृद्धि का फायदा उठाकर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं. नकली खोवा, पनीर और अन्य मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री से नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पडने की आशंका रहती है. इसे देखते हुए अन्न व औषधि प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है.
अमरावती विभाग के अधिकारियों ने होटल, स्वीट मार्ट, रेस्टोरेंट और मिठाई कारखानों में जांच शुरु की है. अब तक सैकडों प्रतिष्ठानों की जांच का दावा एफडीए ने किया है. यह भी दावा है कि, 110 स्थानों से संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट के आधार पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का पता चलेगा.
* सीमावर्ती जिलों से पनीर
अमरावती शहर और जिले में गुजरात, नाशिक तथा बुलढाणा जिले के नांदुरा से बडे पैमाने पर खोवा की आपूर्ति होती है. इसके अलावा महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों से पनीर भी बाजार में पहुंचता है. त्योहारों के दौरान मांग बढने के साथ इन खाद्य पदार्थों की आवक भी बढ जाती है. ऐसे में बाजार में उपलब्ध खोवा और पनीर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन निगरानी कर रहा है.
* खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता स्पष्ट होने की उम्मीद
सामान्य दिनों में खोवा की पर्याप्त आपूर्ति रहती है, लेकिन त्योहारों के दौरान मांग बढने पर बाजार में इसकी आवक अचानक बढ जाती है. कम कीमत पर घटिया गुणवत्ता का खोवा गुजरात से आने की शिकायतों के मद्देनजर विभाग ने निगरानी बढा दी है. रक्षाबंधन से ही मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले खोवा की जांच की जा रही है. इसी अभियान के तहत अब तक 110 प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए हैं. प्रशासन की जांच रिपोर्ट से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है.
* नियमित चल रही जांच
नकली खोवा और पनीर की जांच के लिए रक्षाबंधन से नियमित अभियान चलाया जा रहा है. अब तक विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के 110 संदिग्ध नमूने लिए गए हैं. सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
– गजानन गोरे
निरीक्षक, अन्न व औषधि विभाग.





