बाघों की तरह संरक्षण, फिर भी अस्तित्व पर संकट
सारस के लिए देशव्यापी सर्वेक्षण, बीएनएचएस की पहल

* 10 और 11 अक्तूबर को पहली बार होगा अखिल भारतीय सारस गणना अभियान
* संरक्षण में जनभागीदारी पर जोर
अमरावती/दि.10- दुनिया में सबसे ऊंची उड़ान भरने वाले पक्षियों में शामिल दुर्लभ सारस क्रौंच के संरक्षण के लिए बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (बीएनएचएस) ने देशव्यापी पहल की है. संस्था की ओर से 10 और 11 अक्तूबर को पहली बार अखिल भारतीय सारस सर्वेक्षण आयोजित किया जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य सारस की मौजूदगी का आकलन करना और उसके संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करना है.
पक्षी और वन्यजीव प्राकृतिक संपदा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. कई प्रजातियों के अस्तित्व पर संकट के कारण केंद्र और राज्य सरकारें उनके संरक्षण के लिए विभिन्न उपाय कर रही हैं. गिद्ध और मालढोक जैसे संकटग्रस्त पक्षियों के संरक्षण के लिए कृत्रिम प्रजनन और संवर्धन के प्रयास भी किए गए हैं. अब सारस क्रौंच के संरक्षण के लिए भी व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं.
सारस के संरक्षण में केवल सरकारी और संस्थागत प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं. इसके लिए स्थानीय नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. देशव्यापी सर्वेक्षण के माध्यम से इस दुर्लभ पक्षी की स्थिति को समझने और उसके संरक्षण के लिए आगे की दिशा तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है.





