प्रा. सोले मैदान में कायम, गिरीश व्यास का इस्तीफा
नागपुर में भाजपा की बगावत गहराई

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी की मुश्किलें बढ़ीं
निर्दलीय उम्मीदवारी वापस लेने से इनकार
सोले के समर्थन में पूर्व विधायक व्यास ने छोड़े सभी पद
नागपुर/दि.10 – नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक प्रा. अनिल सोले ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी उम्मीदवारी कायम रखी है, वहीं उनके समर्थन में पूर्व विधायक गिरीश व्यास ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृहशहर नागपुर में बगावत रोकने के प्रयास सफल नहीं होने से पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है.
प्रा. सोले ने सोमवार को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था. नामांकन वापसी की अंतिम तारीख तक उन्हें मनाने के प्रयास किए गए, लेकिन वे चुनाव मैदान से हटने को तैयार नहीं हुए. इसके बाद गिरीश व्यास ने भी सोले के समर्थन में पार्टी छोड़ने का फैसला किया. उन्होंने संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने की तैयारी भी जताई है.
भाजपा के लिए यह घटनाक्रम इसलिए अहम है क्योंकि पार्टी 2020 में गंवाए गए नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को दोबारा जीतने के प्रयास में जुटी है. सोले की निर्दलीय उम्मीदवारी से चुनावी समीकरणों पर पड़ने वाले असर को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है. एक ओर बगावत से भाजपा के सामने चुनौती बढ़ने की आशंका है, तो दूसरी ओर विरोधी मतों के विभाजन की संभावना भी व्यक्त की जा रही है.
हालांकि, सोले की उम्मीदवारी को भाजपा की किसी सुनियोजित रणनीति का हिस्सा बताने के लिए ठोस प्रमाण सामने नहीं आए हैं. फिलहाल, सोले का मैदान में बने रहना और व्यास का इस्तीफा पार्टी के भीतर असहमति को उजागर करता है. इसका चुनाव पर क्या असर होगा, यह मतदाताओं के रुख से स्पष्ट होगा.





