मंत्री महोदय के पास व्यथा रखनेवाले किसान की आत्महत्या
कुएं में कूदकर दी जान, धोप की झकझोरने वाली घटना

* विपक्ष ने घेरा सरकार को, पूर्व विधायक वाघमारे बोले 1 करोड की दें सहायता
भंडारा /दि.9- मोहाडी तहसील अंतर्गत धोप में गुरुवार सुबह अकाल पीडित किसान राजेंद्र सपाटे (50) ने कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली. कुछ दिनों पहले ही सपाटे ने क्षेत्र में सूखे के कारण किसानों की बुरी हालत के बारे में पालक मंत्री डॉ. पंकज भोयर के सामने व्यथा रखी थी. उसके बावजूद किसान ने खुदकुशी कर ली. जिससे जिले में शोक व्यक्त किया जा रहा है. वहीं पूर्व विधायक चरण वाघमारे ने सरकार को घेरते हुए कहा कि, मंत्री महोदय तत्काल पंचनामे के निर्देश देते, तो किसान आत्महत्या रोकी जा सकती थी. वाघमारे ने पीडित सपाटे परिवार को फौरन 1 करोड और 1 सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग उठाई है.
जानकारी के अनुसार राजेंद्र सपाटे के पास 5 एकड खेती है. अवर्षा के कारण धान पूरी तरह बर्बाद हो गया. मुंह तक आया निवाला छीन गया. ऐसे में राजेंद्र सपाटे के सामने आर्थिक संकट खडा हो गया. कर्ज का पहाड कैसे कम करना एवं परिवार का गाडा कैसे चलाना, यह चिंता उन्हें सता रही थी. ऐसे में पिछले शनिवार ही अर्थात 3 अक्तूबर को सूखा दौरे पर आए पालक मंत्री डॉ. पंकज भोयर के सम्मुख राजेंद्र सपाटे ने व्यथा रखी. जल गई फसल के अंश दिखाकर तत्काल शासकीय मदद की गुहार लगाई. प्रशासन से तत्काल राहत न मिलने के कारण गुरुवार को सपाटे ने सुबह ही कुएं में छलांग लगा दी.
घटना की जानकारी मिलते ही आंधलगांव पुलिस और राजस्व यंत्रणा के अधिकारी मौके पर पहुंचे. गांववालों की मदद से सपाटे का शव कुएं से निकालकर पीएम के लिए भेजा गया. पुलिस ने इस बारे में शिकायत दर्ज की है. सपाटे को दो संतानें एक पुत्र व एक पुत्री है. दोनों अन्यत्र पढ रहे हैं.
* वाघमारे का निशाना सरकार पर
पूर्व विधायक चरण वाघमारे ने राज्य शासन को टारगेट करते हुए कहा कि, मोहाडी और तुमसर तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया जाता, तो किसान आत्महत्या को टाला जा सकता था. उन्होंने कहा कि, पालकमंत्री डॉ. भोयर ने पंचनामे के निर्देश दे दिए होते, तो भी आत्महत्या रुक सकती थी. पालकमंत्री से त्यागपत्र की मांग भी पूर्व विधायक वाघमारे ने की.





