अमरावती मनपा पर शिवसेना का गंभीर आरोप
कोणार्क कंपनी की बिना वैध दस्तावेजों वाली कचरा गाड़ियां शहर में दौड़ रहीं

अमरावती/दि.30– अमरावती महानगरपालिका द्वारा घनकचरा संकलन एवं परिवहन के लिए नियुक्त कोणार्क कंपनी की कई गाड़ियां बिना वैध बीमा, परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र के शहर में चलाए जाने का गंभीर आरोप शिवसेना पदाधिकारियों ने लगाया है. इस संबंध में महानगरपालिका आयुक्त को निवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई.
निवेदन में कहा गया है कि मनपा द्वारा नियुक्त कंत्राटदार कंपनी मोटार वाहन अधिनियम 1988 के नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रही है. बिना वैध दस्तावेजों वाली गाड़ियों के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है और ऐसी स्थिति में नागरिकों को नुकसानभरपाई भी नहीं मिल पाएगी. साथ ही शासन के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है. शिवसेना नेताओं ने आरोप लगाया कि निविदा की शर्तों के अनुसार 2025-26 मॉडल की गाड़ियां आवश्यक थीं तथा वे कंपनी के स्वामित्व में होना चाहिए थीं, लेकिन कंपनी द्वारा 2024 मॉडल की गाड़ियों का उपयोग किया जा रहा है. कई वाहन कंपनी के नाम पर भी नहीं हैं. इसके बावजूद मनपा प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर संगनमत का आरोप लगाया गया है.
निवेदन में यह भी कहा गया कि शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. कई क्षेत्रों में घंटागाड़ी चार-चार और पांच-पांच दिनों तक नहीं पहुंच रही है. फॉगिंग मशीन भी नियमित नहीं चल रही, जिससे जगह-जगह कचरे के ढेर और गंदगी बढ़ रही है. नालियां साफ नहीं होने से रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है. नागरिकों से सफाई कर के रूप में करोड़ों रुपये वसूले जा रहे हैं, लेकिन सेवा नहीं मिल रही. शिवसेना पदाधिकारियों ने मनपा एवं आरटीओ के संयुक्त पथक द्वारा 48 घंटे के भीतर विशेष जांच अभियान चलाने, सभी अवैध गाड़ियों को जब्त करने, संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करने तथा कंपनी का भुगतान रोकने की मांग की है. साथ ही 7 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट देने की मांग भी की गई है.
निवेदन में यह सवाल भी उठाया गया कि महानगरपालिका की आमसभा में कोणार्क कंपनी की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट का क्या हुआ और क्या उस रिपोर्ट को भी मैनेज किया गया? शिवसेना ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो तीव्र जनआंदोलन किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय में जनहित याचिका भी दायर की जाएगी. निवेदन सौंपते समय शिवसेना शहरप्रमुख प्रवीण हरमकर, पूर्व विरोधी पक्ष नेता गोविंद दायमा, उपमहापौर मनीष रामावत, रामा सोलंके, बाला सावरकर, पंजाबराव तायवाडे, मुन्ना चव्हाण, कमलेश गुप्ता, विनोद मेंडलरकर, राजू हेरे, श्रीकांत शर्मा, विनोद बामटकर, रुपेश आलेकर, संदीप मानेकर, प्रमोद वानखडे सहित अनेक शिवसैनिक उपस्थित थे.





