शक्कर की कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष निरीक्षण टीमें गठित
4 हजार क्विंटल की स्टॉक सीमा

* उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
मुंबई /दि.29- केंद्र सरकार द्वारा शक्कर के स्टॉक पर लगाई गई पाबंदियों के मद्देनजर राज्य सरकार ने शक्कर व्यापारियों, डिस्ट्रीब्यूटरों, शक्कर मिलों और बड़े उपभोक्ताओं के स्टॉक की सीधे जांच करने का निर्णय लिया है. इसके तहत 27 अगस्त से पूरे राज्य में विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है. स्टॉक सीमा का उल्लंघन करने, शक्कर का स्टॉक छिपाने अथवा गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी.
केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक शक्कर विक्रेता और डिस्ट्रीब्यूटर निर्धारित अवधि में खरीदे गए स्टॉक को अधिकतम 30 दिनों तक रख सकते हैं. इसके अलावा किसी भी समय 4 हजार क्विंटल यानी 400 मीट्रिक टन से अधिक शक्कर का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी. वहीं, 19 अगस्त के अधिसूचना आदेश के मुताबिक हर महीने 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी की खपत करने वाले बड़े उपभोक्ता भी 15 दिनों से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे. सभी व्यापारियों और डिस्ट्रीब्यूटरों के लिए केंद्रीय पोर्टल पर पंजीकरण कराना तथा स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है.
* जिला स्तर पर पांच सदस्यीय विशेष टीमें
स्टॉक की जांच के लिए प्रत्येक जिले में पांच सदस्यीय विशेष निरीक्षण टीमों का गठन किया गया है. इन टीमों के अध्यक्ष जिला आपूर्ति अधिकारी होंगे. निरीक्षण के दौरान गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक के साथ-साथ खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, चालान, इनवॉइस, गेट पास, परिवहन दस्तावेज और केंद्रीय पोर्टल पर दर्ज जानकारी की भी जांच की जाएगी. सरकार का उद्देश्य शक्कर की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाकर बाजार में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करना है.





