अंशकालिन कर्मचारियों के न्याय अधिकारों को लेकर नागपुर में राज्यस्तरीय सभा

विभिन्न विषय को लेकर सभा में हुई चर्चा

अमरावती /दि.3– महाराष्ट्र राज्य में शासन सेवा में कार्यरत शासकीय एवं निमशासकीय पदवीधर अंशकालिक कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर 30 मई को हिंदी साहित्य सम्मेलन, झांसीरानी चौक, नागपुर में राज्यस्तरीय सभा आयोजित की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र राज्य पदवीधर अंशकालिक कर्मचारी संघटना के प्रदेश अध्यक्ष लतीफजी पठाण ने की. मंच पर संघटना के पदाधिकारी वसीमुद्दीन इनामदार, नरेंद्र कर्नासे, योगेश सावने, सुरेश राऊत, अनिल सुरवाडे, संजय सुर्वे, राजू मिरकुटे, संजय पाथरे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
सभा में बताया गया कि 1 नवंबर 2005 के बाद शासन सेवा में नियुक्त शासकीय एवं निमशासकीय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बंद कर दी गई थी. जबकि महाराष्ट्र के हजारों कर्मचारी वर्ष 2005 से पूर्व विभिन्न शासकीय कार्यालयों में मात्र 300 रुपये मानधन पर सेवा दे चुके हैं. उन कर्मचारियों की पूर्व सेवा को ग्राह्य मानते हुए नियमित सेवा में समाविष्ट करने की प्रमुख मांग को लेकर संघटना के प्रदेश अध्यक्ष लतीफजी पठाण ने राज्य शासन के विरुद्ध औरंगाबाद खंडपीठ में रिट याचिका दायर की थी. इस प्रकरण की सुनवाई 24 अप्रैल 2026 को हुई. जिसमें न्यायालय ने राज्य शासन को संबंधित विषय पर 12 सप्ताह के भीतर सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं. सभा में आंध्रप्रदेश राज्य सरकार की तर्ज पर विशेष प्रकरण मानते हुए कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने तथा वर्ष 2005 पूर्व की तीन वर्ष की सेवा को ग्राह्य मानते हुए नियमित करने की मांगों पर भी चर्चा की गई.
विभिन्न जिलों से आए कर्मचारियों ने अपने मनोगत व्यक्त करते हुए कहा कि शासन ने भले ही वर्ष 2005 के बाद पुरानी पेंशन योजना बंद कर दी हो. लेकिन वे वर्ष 2005 पूर्व से सेवा दे रहे कर्मचारी हैं. साथ ही 40 वर्ष की आयु के बाद शासन सेवा में समावेश होने के कारण उन्हें नियमित सेवा का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाया. इस अवसर पर अध्यक्ष लतीफजी पठाण ने कहा कि औरंगाबाद खंडपीठ ने शासन को 12 सप्ताह के भीतर सकारात्मक निर्णय लेने का निर्देश दिया है. उन्हें आशा है कि शासन कर्मचारियों के हित में निर्णय लेगा. अन्यथा संघटना को शासन के विरुद्ध आंदोलनात्मक कदम उठाने पड़ सकते हैं. कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन कीर्ति दांडगे ने किया.

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