कडधान्य प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने पर मिलेगा 33 प्रतिशत अनुदान
जिला प्रशासन की जानकारी

अमरावती/दि.3- किसानों की आय बढ़ाने और दलहन फसलों के मूल्यवर्धन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से जिले में कडधान्य आत्मनिर्भरता अभियान चलाया जा रहा है. इस योजना के तहत दलहन प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) यूनिट स्थापित करने के लिए पात्र लाभार्थियों को 33 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जाएगा.
जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), क्लस्टर स्तरीय महासंघों, प्राथमिक कृषि साख समितियों, व्यक्तिगत उद्यमियों तथा अन्य पात्र संस्थाओं को आर्थिक सहायता देकर दलहन मूल्य श्रृंखला को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाना है. योजना का लाभ लेने के लिए समूह लाभार्थी संस्थाओं का कम से कम दो वर्षों से विधिवत पंजीकृत एवं सक्रिय होना आवश्यक है. साथ ही परियोजना लागत का न्यूनतम 15 प्रतिशत स्वयं निवेश करने तथा कार्यशील पूंजी की व्यवस्था करने की आर्थिक क्षमता भी होनी चाहिए. व्यक्तिगत आवेदकों की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए और एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति को इस योजना का लाभ मिलेगा. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं, पर्वतीय क्षेत्रों तथा आकांक्षी जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी.
योजना के तहत पात्र इकाइयों को परियोजना लागत का 33 प्रतिशत अथवा अधिकतम 25 लाख रुपये, जो भी कम हो, अनुदान के रूप में दिया जाएगा. यह अनुदान केवल मशीनरी खरीद, भवन निर्माण, गोदाम तथा भंडारण संबंधी आधारभूत सुविधाओं के लिए उपलब्ध होगा. भूमि, बिजली, मानव संसाधन तथा अन्य संचालन व्ययों पर अनुदान नहीं दिया जाएगा. भवन और गोदाम निर्माण के लिए अनुदान की सीमा कुल पात्र अनुदान के 30 प्रतिशत तक ही रहेगी. लाभार्थी को परियोजना लागत का कम से कम 15 प्रतिशत स्वयं वहन करना होगा तथा शेष राशि के लिए वित्तीय संस्थाओं से कर्ज लेना अनिवार्य रहेगा. नई प्रसंस्करण इकाई की न्यूनतम क्षमता 300 किलोग्राम प्रति घंटा निर्धारित की गई है. सभी मशीनरी राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होना आवश्यक होगा. साथ ही भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण तथा अन्य वैधानिक एवं पर्यावरणीय नियमों का पालन करना अनिवार्य रहेगा.
योजना के अंतर्गत स्थापित संपत्ति को कम से कम तीन वर्ष तक सुरक्षित रखना होगा. अनुदान राशि के दुरुपयोग की स्थिति में संबंधित लाभार्थी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी राहुल सातपुते ने जिले के किसानों, किसान समूहों, कंपनियों एवं संस्थाओं से अधिक से अधिक संख्या में इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि योजना संबंधी अधिक जानकारी के लिए संबंधित तहसील कृषि अधिकारी कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है.





