वाजे की जमानत पर रोक

पूर्व पुलिस अधिकारी का जेल में प्रवास बढ़ा

अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को
मुंबई /दि.30- उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास ’एंटीलिया’ के बाहर मिली विस्फोटक से भरी गाड़ी के मामले में मुंबई उच्च न्यायालय में पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. यह सुनवाई न्यायमूर्ति जी. एस. कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ के समक्ष संपन्न हुई. अदालत ने सचिन वाजे की जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी है और अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को तय की है. इसके चलते सचिन वाजे की न्यायिक हिरासत में रहने की अवधि और बढ़ गई है.
सुनवाई के दौरान एनआईए की ओर से अधिवक्ता अनिल सिंह ने पक्ष रखते हुए तर्क दिया, सचिन वाजे पर गंभीर किस्म के आतंकवादी कृत्य और हत्या के संगीन आरोप हैं. उन्होंने अदालत में यह भी स्पष्ट किया कि जिस एंटीलिया इमारत के बाहर विस्फोटकों से भरी गाड़ी खड़ी की गई थी, उस उद्योगपति मुकेश अंबानी की सुरक्षा से जुड़े 3 सुरक्षा अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं.
* जमानत के खिलाफ एनआईए की याचिका
सचिन वाजे की जमानत का विरोध करने के लिए एनआईए ने मुंबई उच्च न्यायालय का रुख किया और विशेष एनआईए अदालत द्वारा दिए गए जमानत आदेश पर रोक लगाने की मांग की. शुरुआत में इस याचिका पर न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल के समक्ष सुनवाई होनी थी, लेकिन उन्होंने खुद को इस मामले से अलग कर लिया. इसके बाद मामला न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति आशीष चव्हाण की पीठ के सामने रखा गया, लेकिन उन्होंने भी सुनवाई करने में असमर्थता जताई. न्यायमूर्ति आशीष चव्हाण पहले सीबीआई के वकील रह चुके थे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे वाजे से जुड़े अन्य मामलों में सुनवाई कर चुकी थीं. इसके बाद एनआईए ने तुरंत मुख्य न्यायाधीश से संपर्क किया, जिनके आदेश पर मामला न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ को सौंपा गया. सुनवाई के दौरान सचिन वाजे की तरफ से कोई वकील उपस्थित नहीं था. इसके बाद हाईकोर्ट ने वाजे के जमानत आदेश पर 7 अक्टूबर तक अंतरिम रोक लगा दी. इस आदेश की तुरंत जानकारी जेल प्रशासन को दे दी गई है, तब तक वाजे को जमानत पर रिहा करने पर रोक लगा दी गई है.
25 फरवरी 2021 को दक्षिण मुंबई में मुकेश अंबानी के आवास ’एंटीलिया’ के बाहर एक लावारिस स्कॉर्पियो गाड़ी मिली थी, जिसमें जिलेटिन की 20 छड़ें और एक धमकी भरा पत्र मिला था. इस घटना से पूरे देश में सनसनी फैल गई थी. एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी गाड़ी और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के चर्चित मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे और पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा समेत कुल 10 आरोपियों के खिलाफ आखिरकार 5 साल बाद आरोप तय किए गए हैं. मुंबई की विशेष एनआईए अदालत ने यह फैसला सुनाया, जिसके बाद सचिन वाजे को जमानत मंजूर की गई थी. जिस पर अब हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है.

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