श्री शिवाजी महाविद्यालय में विद्यार्थी काव्य सम्मेलन एवं लेखन कार्यशाला उत्साह से संपन्न
अभिजात मराठी भाषा सप्ताह के तहत आयोजन

कविता और रचनात्मक लेखन पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन
अमरावती/दि.13 – अभिजात मराठी भाषा सप्ताह के अवसर पर श्री शिवाजी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के मराठी विभाग की ओर से विद्यार्थी काव्य सम्मेलन एवं लेखन कार्यशाला का आयोजन किया गया. प्राचार्य डॉ. महेंद्र मेटे की अध्यक्षता में डॉ. पंजाबराव देशमुख सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. किशोर साबले और डॉ. प्रशांत हरमकर प्रमुख रूप से उपस्थित थे.
कार्यक्रम में मराठी भाषा के समृद्ध इतिहास, अभिजात भाषा की विशेषताओं, कविता लेखन और रचनात्मक लेखन की प्रक्रिया पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया गया. मराठी विभागाध्यक्ष डॉ. सुवर्णा गाडगे ने प्रस्तावना में कहा कि मराठी भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों, संस्कारों, संवेदनाओं और विचारों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है. भाषा सप्ताह के तहत काव्य सम्मेलन, लेखन कार्यशाला और निबंध प्रतियोगिता जैसे उपक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. डॉ. किशोर साबले ने मराठी भाषा के ऐतिहासिक विकास और सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. प्रशांत हरमकर ने अभिजात भाषा की संकल्पना और प्रभावी लेखन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी. काव्य सम्मेलन में कला शाखा के विद्यार्थी कवि ओम गुहे, लतिका राठोड़ और ईश्वरी भेंडे ने अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं. डॉ. राजेश मिरगे ने कविता के स्वरूप, भावार्थ और रचनात्मक अभिव्यक्ति के महत्व को समझाते हुए विद्यार्थियों को नियमित पठन, निरीक्षण और चिंतन की आदत विकसित करने का आह्वान किया.
अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. महेंद्र मेटे ने कहा कि मराठी भाषा का विकास ज्ञान सृजन, अनुसंधान और वैचारिक लेखन के माध्यम से होना चाहिए. मातृभाषा समाज के इतिहास, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को समझने का माध्यम है. मराठी भाषा का उपयोग शिक्षा, अनुसंधान और ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी रूप से करना समय की आवश्यकता है. कार्यक्रम का संचालन प्रा. अमृता राऊत ने किया तथा आचल येवले ने आभार माना. इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, विद्यार्थी और साहित्यप्रेमी उपस्थित थे. पसायदान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.





