विदर्भ साहित्य संघ ने डॉ. गोविंद कासट का किया सत्कार
81वें जन्मदिन पर घर पहुंचकर किया सम्मान

172 पुस्तकों के लेखन और सामाजिक कार्यों की सराहना
अमरावती/दि.13 – शहर के सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. गोविंद कासट के 81वें जन्मदिन के अवसर पर विदर्भ साहित्य संघ की अमरावती शाखा की ओर से उनका विशेष सम्मान किया गया. संघ के पदाधिकारियों ने एकनाथपुरम स्थित उनके निवास पर पहुंचकर डॉ. कासट और उनकी पत्नी उमा कासट को शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया.
डॉ. गोविंद कासट ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है. उनके सामाजिक योगदान और साहित्यिक गतिविधियों की सराहना करते हुए उपस्थित साहित्यकारों एवं पदाधिकारियों ने उन्हें दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दीं.
* साहित्यकारों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर विदर्भ साहित्य संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. शोभा रोकड़े, अमरावती शाखा के अध्यक्ष डॉ. श्यामसुंदर निकम, सचिव आबासाहेब कडू, उपाध्यक्ष डॉ. कुमार बोबडे एवं दीपक दारव्हेकर, विशेष आमंत्रित सदस्य सुदर्शनजी गांग, समन्वयक एवं कवि खुशाल गुल्हाने, कथाकार विनोद तिरमारे, सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. राजेंद्र राऊत, लेखिका छाया राऊत, कवि दिवाकर देशमुख और कवयित्री माधुरी बाजारे सहित अन्य साहित्यप्रेमी उपस्थित थे.
* ‘एक हजार सत्कारमूर्ती’ पुस्तक भेंट
कार्यक्रम के दौरान डॉ. गोविंद कासट ने अपनी पुस्तक ‘एक हजार सत्कारमूर्ती’ सुदर्शनजी गांग के हाथों सभी उपस्थित लोगों को सप्रेम भेंट की. इस अवसर पर अमरावती के साहित्यिक क्षेत्र और यहां की साहित्यिक गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा भी हुई. सुदर्शनजी गांग ने डॉ. कासट के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा अब तक लिखी गईं 172 पुस्तकें और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का व्यापक दायरा किसी सामाजिक विश्वविद्यालय के कार्य जैसा है. डॉ. कासट के जन्मदिन पर आयोजित इस सम्मान समारोह में उनके सामाजिक योगदान, साहित्यिक उपलब्धियों और बहुआयामी कार्यों का गौरवपूर्ण उल्लेख किया गया.





