ठाकरे गुट को लग सकता है एक और झटका!

सुनील शिंदे के शिंदे गुट में जाने की अटकलें तेज

* सचिन अहिर के बाद अब सुनील शिंदे पर राजनीतिक नजरें
* नीलम गोर्‍हे ने सुनील शिंदे को दिया खुला न्योता
* सुनील शिंदे ने कहा-‘सभी चर्चाएं निराधार, मैं पार्टी नहीं छोड़ रहा’
मुंबई/दि.2– महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों दल-बदल और राजनीतिक पुनर्संरचना का दौर जारी है. हाल ही में विधान परिषद सदस्य सचिन अहिर के उद्धव ठाकरे गुट छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के बाद अब ठाकरे गुट के एक और वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य सुनील शिंदे के संभावित पार्टी परिवर्तन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है.
राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुंबई के वरली क्षेत्र में प्रभाव रखने वाले सुनील शिंदे भी भविष्य में शिंदे गुट का दामन थाम सकते हैं. हालांकि स्वयं सुनील शिंदे ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अफवाह बताया है.
* नीलम गोर्‍हे ने दिया भावनात्मक संदेश
शिवसेना (शिंदे गुट) की वरिष्ठ नेता नीलम गोर्‍हे ने मीडिया से बातचीत के दौरान सुनील शिंदे को अप्रत्यक्ष रूप से पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया. उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता के मन में नाराजगी है तो उसे खुलकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सामने रखना चाहिए. शिवसेना में काम करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं और यदि कोई नेता बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से जुड़ाव महसूस करता है तो उसे अपने राजनीतिक भविष्य पर निर्णय लेने का अधिकार है. नीलम गोर्‍हे ने कहा कि सचिन अहिर को उपसभापति बनाए जाने को लेकर पार्टी में किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में किसी के प्रवेश या संभावित राजनीतिक निर्णय की वास्तविक जानकारी केवल एकनाथ शिंदे को ही हो सकती है.
* सुनील शिंदे ने किया खंडन
दूसरी ओर सुनील शिंदे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके पार्टी छोड़ने संबंधी सभी चर्चाएं निराधार हैं. उन्होंने कहा, मेरे राजनीतिक विरोधी और हितशत्रु इस प्रकार की अफवाहें फैला रहे हैं. इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है. हालांकि उनके हालिया बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को जरूर हवा दी है. सचिन अहिर के शिंदे गुट में शामिल होने के बाद सुनील शिंदे ने कहा था कि पार्टी नेतृत्व को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है. उन्होंने संकेत दिया था कि सचिन अहिर के राजनीतिक कदमों की जानकारी उन्हें पहले से थी, लेकिन एक सामान्य कार्यकर्ता होने के कारण वे इस विषय पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कह सकते थे.
* सचिन अहिर के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सचिन अहिर के ठाकरे गुट छोड़ने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और संगठनात्मक चुनौतियों को लेकर चर्चाएं बढ़ी हैं. ऐसे में सुनील शिंदे को लेकर सामने आई अटकलों ने ठाकरे गुट की चिंता और बढ़ा दी है. हालांकि अभी तक किसी भी स्तर पर सुनील शिंदे के पार्टी परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक संकेत सामने नहीं आया है. इसके बावजूद शिंदे गुट के नेताओं द्वारा लगातार दिए जा रहे संकेतों के कारण राजनीतिक चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं.
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि भविष्य में ठाकरे गुट के किसी और विधायक या विधान परिषद सदस्य का दल परिवर्तन होता है, तो इसका असर न केवल विधान परिषद की शक्ति-संतुलन पर पड़ेगा बल्कि महाराष्ट्र की विपक्षी राजनीति पर भी दिखाई देगा.

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