16 वीं जनगणना का कल से होगा प्रारंभ
महाराष्ट्र दिन के मुहूर्त से होगी शुरूआत

* पहली बार उपलब्ध हुई स्वगणना की सुविधा
* नागरिकों को 33 प्रश्नों पर जानकारी देनी होगी
अमरावती/दि.30– देश के विकास को नई दिशा देनेवाली 16 वीं राष्ट्रीय जनगणना का शुभारंभ कल 1 मई को महाराष्ट्र का औचित्य साधते हुए किया जाएगा. इस बार की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल रहेगी तथा देश के इतिहास में पहली बार नागरिकों को अपनी जानकारी खुद भरने यानी स्वगणना करने की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं. इस जनगणना में रागरिकों को 33 प्रश्नों का जवाब देते हुए खुद से संबंधित जानकारी उपलब्ध करानी होगी.
बता दे कि 21 सदी में होने जा रही यह तीसरी जनगणना है. भारत सरकार ने इस अभियान के लिए ‘जनकल्याण हेतु जनगणना’ यह ब्रीद वाक्य निश्चित किया हैं. यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी. जिसके तहत 1 से 15 मई के दौरान पहले चरण में नागरिक अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे वहीं 16 मई से 14 जून तक दूसरे चरण के दौरान प्रगणकों द्बारा घर-घर जाकर लोगों की जानकारी संकलित की जाएगी. नागरिकों को अपनी जानकारी भरने हेतु केंद्र सरकार के अधिकृत पोर्टल पर भेंट देनी होगी. यह पोर्टल मराठी, हिंदी व अंग्रेजी सहित 16 विविध भाषाओं में उपलब्ध हैं.
* प्रगणक जाएंगे प्रत्येक घर तक
जो नागरिक किसी तकनीकि अथवा अन्य वजह के चलते स्वगणना नही कर पाएंगे उनके लिए 16 मई से जनगणना का दूसरा चरण शुरू होगा. इसके तहत प्रशिक्षित प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों द्बारा घर- घर जाकर हॅलो अॅप के जरिए नागरिकों की जानकारी को दर्ज करेंगे. वहीं पहले ही स्वगणना कर चुके नागरिकों को उनके घर पर जनगणना हेतु प्रगणक के आने पर केवल ‘एसईआयडी’ दिखाना होगा.
* एसईआयडी क्यों है महत्वपूर्ण
ऑनलाइन स्वगणना पूरी करने के बाद मोबाईल पर 11 अंकोवाला युनिक सेल्फ एन्यूमरेशन आयडी यानी ऐसी आयडी प्राप्त होगी. प्रगणक के जनगणना हेतु घर आने पर उन्हें यह आयडी दिखाने के बाद दूबारा पूरी जानकारी बताने की जरूरत नहीं रहेगी और जनगणना की प्रक्रिया त्वरित पूरी होगी.
* बैक अकाउंट नंबर व ओटीपी देने की जरूरत नहीं
जनगणना के नाम पर कई बार साइबर अपराधियों द्बारा ऑनलाईन जालसाजी करने की भी संभावना हैं. इसे देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना प्रक्रिया में किसी भी नागरिक से उसके बैंक खाते के ब्यौरे पॅन कार्ड क्रमांक अथवा गोपनिय ओटीपी के बारे में जानकारी नहीं पूछी जाती. साथ जनगणना के काम हेतु कोई रकम भी नही ली जाती. ऐसे में इस तरह की कोई फोन कॉल आने पर उस पर प्रतिसाद न दिया जाए तथा पूरी तरह से सावधान व सतर्क रहा जाए, ऐसा आवाहन भी प्रशासन द्बारा किया गया.
* विकास काम हेतु जनगणना जरूरी
जनगणना से मिलनेवाली आंकडेवारी और जानकारी का अगले 10 वर्ष के दौरान स्कूल-कॉलेज, दवाखाने, रास्ते, जलापूर्ति एवं विविध सरकारी योजनाओं का नियोजन करने हेतु प्रयोग किया जाता हैं. जिसके चलते प्रत्येक नागरिक द्बारा अपनी जानकारी को सही व सटीक तरीके से दर्ज करवाना बेहद आवश्यक हैं और ऐसा करना प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य है, जिसका प्रत्येक नागरिक ने निर्वहन भी करना चाहिए, ऐसा आवाहन जिला प्रशासन द्बारा किया गया हैं.





