शुभ मुहूर्त समाप्त, अब अगले साल चातुर्मास के बाद बजेगी शहनाई
25 जुलाई से शुरू हुआ चातुर्मास, विवाह सहित सभी मांगलिक कार्यों पर विराम

* अब 25 जनवरी 2027 से फिर मिलेंगे शुभ मुहूर्त
अमरावती/दि.27 – इस वर्ष विवाह के प्रमुख शुभ मुहूर्त समाप्त हो चुके हैं. 25 जुलाई से चातुर्मास शुरू होने के साथ ही विवाह, गृहप्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार विराम लग गया है. अब विवाह योग्य युवक-युवतियों और उनके परिवारों को अगले वर्ष 25 जनवरी 2027 से शुरू होने वाले नए विवाह सीजन का इंतजार करना होगा.
पंचांग के अनुसार, चातुर्मास का समय देवशयनी एकादशी से प्रबोधिनी एकादशी तक माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं, इसलिए इस दौरान विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते. इस वर्ष दिवाली के बाद सिंहस्थ गुरु का काल रहने के कारण भी मुख्य विवाह मुहूर्त उपलब्ध नहीं हैं.
* अगले साल मिलेंगे 62 शुभ विवाह मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, 25 जनवरी 2027 से विवाह मुहूर्त दोबारा शुरू होंगे. जनवरी से मई 2027 के बीच कुल 62 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे, जिससे अगले वर्ष विवाह समारोहों की अच्छी-खासी रौनक रहने की संभावना है.
* जुलाई से दिसंबर तक 63 वैकल्पिक तिथियां
मुख्य शुभ मुहूर्त समाप्त होने के बावजूद पंचांग में जुलाई से दिसंबर 2026 के बीच 63 वैकल्पिक (स्थानीय परंपरा या विशेष परिस्थितियों के अनुसार) विवाह तिथियां भी बताई गई हैं.
* कौन कर सकता है इन तिथियों पर विवाह?
जिन परिवारों की परंपराएं अलग हैं, विशेष संप्रदायों से जुड़े लोग या जिन्हें किसी कारणवश शीघ्र विवाह करना आवश्यक है, वे पंचांग विशेषज्ञों की सलाह लेकर इन वैकल्पिक तिथियों पर विवाह संपन्न कर सकते हैं.





