खाद्य तेलों के भाव स्थिर, मार्केट भी ठीकठाक

अगले सप्ताह डिमांड बढने की उम्मीद

* गणेशोत्सव और महालक्ष्मी के भोज आयोजक संतुष्ट
अमरावती/दि.10 – खाद्य तेलों के रेट तीन माह से सरीखे बने हुए हैं. फिर वह सोयाबीन हो या मूंग फली तेल. स्थानीय सक्करसाथ स्थित प्रमुख तेल व्यापारियों ने फिलहाल त्यौहारी ग्राहकी पूरी तरह शुरु नहीं होने की जानकारी देते हुए बताया कि, सरकार द्वारा आयात में दी गई रियायतों के कारण रेट कंट्रोल में है. अन्यथा पश्चिमी भारत में अवर्षा की जो भीषण स्थिति दिखाई दे रही है, उससे तो तिलहनों के दाम बढने की पूरी गुंजाइश थी.
* 170 से 200 रुपए तक रेट
प्रमुख तेल व्यापारी मनोज रमेश शर्मा सेवग ने अमरावती मंडल से चर्चा में बताया कि, सभी खाद्य तेलों में ग्राहकी भी यथावत बनी है. त्यौहारी सीजन की केवल आहट हुई है. अगले सप्ताह गणेशोत्सव और महालक्ष्मी भोज के आयोजनों से ग्राहकी खुलने की उम्मीद है. रेट की बात करें, तो सोयाबीन 170 रुपए, राइस ब्रान 170 रुपए, सनफ्लावर 190 रुपए और मूंग फली का तेल 200 रुपए किलो रिटेल रेट में उपलब्ध है.
* स्टॉक की परवाह नहीं
मनोज शर्मा के अनुसार तेलों के स्टॉक की कोई चिंता की बात नहीं है. त्यौहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए शासन ने भी आयात की व्यवस्था कर रखी है. जिसके कारण दाम स्थिर बने हुए है. 15 किलो के टीन पर 15-20 रुपए की घट-बढ सामान्य बात होती है. वह मार्केट में चलती ही है. देश में आगामी सीजन में भी तिलहनों का उत्पादन और स्टॉक भरपूर होने से काफी बडे हिस्से के सूखे की चपेट में रहने के बावजूद दाम नियंत्रण में है. घरेलू खपत भी आयात माल से पूर्ण की जा रही है. वैसे भी भारत अपनी खपत का आधा माल आयात करता आया है. मनोज शर्मा ने अभी रेट बढने की संभावना से इंकार किया. यह भी कहा कि, समय पर क्या घटना हो जाए और उसके बाजार पर किस तरह के प्रभाव पडे, कहा नहीं जा सकता.

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