सफाई के नाम पर खानापूर्ति! पखवाड़ेभर में फिर कचरे से पट गया नाला

इर्विन चौक से मालवीय चौक तक गंदगी का अंबार

* बारिश में जिला अस्पताल में घुस चुका है पानी, फिर भी मनपा की कार्रवाई ठंडी
अमरावती/दि.10- मानसून में शहर की चरमराई सफाई व्यवस्था को लेकर मनपा की आमसभा में जमकर हंगामा हो रहा है. शहर के अनेक हिस्सों में कचरे के ढेर, गंदगी और जाम नालियों से नागरिक त्रस्त हैं. नालों की नियमित सफाई नहीं होने से बारिश के दौरान जलभराव की समस्या भी गंभीर बनी हुई है. खासकर इर्विन चौक से मालवीय चौक तक का नाला मनपा की सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहा है. हैरानी की बात यह है कि करीब पखवाड़ेभर पहले ही दो जेसीबी लगाकर इस नाले की पूरी सफाई की गई थी, लेकिन अब फिर से यह नाला कचरे के ढेर से पट गया है.
शहर में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान नाले लबालब भर जाने के कारण बारिश का पानी जिला अस्पताल परिसर में घुस गया था. इस गंभीर समस्या को लेकर अनेक पार्षदों ने राज्यसभा सदस्य डॉ. अनिल बोंडे और विधायक प्रवीण पोटे पाटील द्वारा मनपा में आयोजित समीक्षा बैठक में आवाज उठाई थी. पार्षदों ने इर्विन चौक से मालवीय चौक तक नाले में जमा कचरे और गंदगी की स्थिति अधिकारियों के सामने रखी थी. बैठक में यह आरोप भी लगाया गया था कि रेलवे परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के कारण इस नाले का स्वरूप ही बदलकर उसे संकरी नाली जैसा बना दिया गया है. समस्या की गंभीरता को देखते हुए डॉ. अनिल बोंडे और विधायक प्रवीण पोटे पाटील ने मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे.
* दो जेसीबी लगाकर हुई थी सफाई, फिर वही हाल
समीक्षा बैठक के अगले ही दिन मनपा की सफाई व्यवस्था संभालने वाली कोणार्क कंपनी के कर्मचारियों ने दो जेसीबी की मदद से इर्विन चौक से मालवीय चौक तक नाले की सफाई की थी. नाले में जमा कचरा ही नहीं, बल्कि अतिक्रमण का मलबा भी बाहर निकाला गया था. उस समय लगा था कि अब नाले की समस्या से नागरिकों को राहत मिलेगी. लेकिन सफाई को अभी एक पखवाड़ा भी पूरा नहीं हुआ और नाला फिर कचरे से भर गया है.
* मंडी का कचरा सीधे नाले में
इर्विन चौक से मालवीय चौक और वहां से जयस्तंभ चौक तथा चित्रा चौक की ओर जाने वाले मार्ग पर बड़ी संख्या में फल, सब्जी और चाट की हाथगाड़ियां लगती हैं. मालवीय चौक के पास स्थित पुराने कॉटन मार्केट में फल, सब्जी और फूलों की मंडी भी है. यहां जिले के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में किसान अपना कृषि माल लेकर पहुंचते हैं. साथ ही वर्तमान में गणेशोत्सव निमित्त लोगों ने गणेश प्रतिमा की बिक्री के स्टॉल लगाये हुए है. वाहनों से माल उतारने के बाद निकलने वाला कचरा बड़ी मात्रा में इसी नाले में फेंक दिया जाता है. मंडी के दुकानदारों और हॉकर्स पर भी नाले में कचरा डालने के आरोप हैं. इतना ही नहीं, सड़क की सफाई करने वाले कुछ सफाई कर्मचारी भी कचरा उठाकर नाले में ही डाल देते हैं. इसके चलते कुछ ही दिनों में साफ किया गया नाला दोबारा कचरे से अट जाता है.
* बारिश में सड़क बन जाती है जलमार्ग
नाले में लगातार कचरा जमा होने के कारण पानी का बहाव बाधित हो जाता है. बारिश होते ही नाला ओवरफ्लो होकर पानी सड़कों पर बहने लगता है. इससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशानी होती है. आसपास के दुकानदारों को भी गंदगी और दुर्गंध का सामना करना पड़ता है. गंभीर स्थिति यह है कि भारी बारिश में यही पानी जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण परिसर तक पहुंच चुका है.

* कार्रवाई के नाम पर मनपा अधिकारियों की चुप्पी
मालवीय चौक का नाला आए दिन कचरे से भरा दिखाई देता है. मंडी में आने वाले किसान, दुकानदार, हॉकर्स और अन्य लोगों द्वारा कचरा नाले में फेंके जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से मनपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. नागरिकों का कहना है कि केवल जेसीबी लगाकर एक बार नाला साफ कर देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है. कचरा नाले में फेंकने वालों के खिलाफ जुर्माना और कड़ी कार्रवाई कब होगी? यह सवाल अब नागरिक उठा रहे हैं. नागरिकों ने मनपा के स्वच्छता विभाग से मालवीय चौक के नाले की तत्काल दोबारा सफाई कराने के साथ ही कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है. साथ ही शहर के सभी नालों की नियमित सफाई और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की जा रही है.

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