डीआरएफ टीम ने नदी में डूबे दिलीप का शव खोज निकाला

* गोताखोरों ने करीब 10 मिनट में शव बाहर निकाला
अमरावती /दि. 25- वरुड तहसील के रोशनखेड़ा गांव में जिरी नदी के पात्र में डूबे 45 वर्षीय व्यक्ति का शव जिला आपदा प्रबंधन विभाग के खोज एवं बचाव दल ने शुक्रवार को सफलतापूर्वक खोज निकाला. मृतक का नाम वरुड तहसील के रोशनखेडा ग्राम निवासी दिलीप ज्ञानेश्वरराव बोरिवार (45) है.
जानकारी के मुताबिक वरुड पुलिस थाना क्षेत्र के रोशनखेड़ा गांव में जिरी नदी के पात्र में एक व्यक्ति के डूबने की घटना 24 सितंबर को हुई थी. इसकी सूचना शाम करीब 5.40 बजे अमरावती जिलाधिकारी कार्यालय के नियंत्रण कक्ष को प्राप्त हुई. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने खोज एवं बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए. जिलाधिकारी आशिष येरेकर के आदेश तथा निवासी उपजिलाधिकारी संतोष काकडे और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सुरेंद्र रामेकर के मार्गदर्शन में जिला खोज एवं बचाव दल को घटनास्थल पर रवाना किया गया. दल शुक्रवार 25 सितंबर को सुबह करीब 8.5 बजे रोशनखेड़ा पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद तलाशी अभियान शुरू किया.
* गोताखोरों ने शुरू किया तलाशी अभियान
खोज एवं बचाव दल के रेस्क्यू कर्मियों ने ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त करने के बाद उस स्थान से खोज अभियान शुरू किया, जहां से दिलीप बोरिवार के जिरी नदी में छलांग लगाने की जानकारी मिली थी. इसके बाद जिला खोज एवं बचाव दल के प्रशिक्षित गोताखोरों ने नदी में उतरकर तलाशी शुरू की. गांववासियों के सहयोग से चलाए गए इस अभियान में गोताखोरों ने करीब दस मिनट के भीतर दिलीप बोरिवार के शव को नदी के पात्र से खोज निकाला. शव को नदी से बाहर निकालने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन के हवाले कर दिया गया.
* घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़
खोज अभियान की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए थे. अभियान के दौरान ग्रामीणों के साथ पुलिस एवं राजस्व प्रशासन ने भी बचाव दल को आवश्यक सहयोग प्रदान किया. सहायक पुलिस निरीक्षक राहुल जाधव सहित संबंधित पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने मौके पर उपस्थित रहकर कार्रवाई में सहयोग किया.
* बचाव दल में ये कर्मचारी शामिल
जिला खोज एवं बचाव दल में सचिन धरमकर, आकाश निमकर, मुकेश सदाशिव, गणेश कासदेकर, सचिन पवार और मनीष उताणे शामिल थे. वहीं आपदा मित्र के रूप में धीरज येवले, साजन तारकर, अजय सावलकर, यश झाडे और रवींद्र फरतोडे ने भी अभियान में सहयोग किया.

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