यातायात नियम की पांचवी गलती साबित होंगी अंतिम

केंद्रीय मोटरवाहन अधिनियम में बदलाव के चलते वाहन और लाइसेन्स रद्द किए जाएंगे

नागपुर/दि.26 – सड़क हादसों की बढ़ती संख्या, लापरवाह चालकों की हरकतों और लापरवाही के कारण होने वाली निर्दोष मौतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने आखिरकार एक कड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1989 में बड़े बदलाव करते हुए, सरकार ने फैसला किया है कि यदि एक वर्ष में पांच बार यातायात नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो वाहन का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा और ड्राइविंग लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाएगा.
राज्य में दुर्घटनाओं की भयावह वास्तविकता चौंकाने वाली है. जनवरी से नवंबर 2023 के बीच 31,959 दुर्घटनाओं में 13,921 लोगों की मौत हुई. 2024 में यह संख्या बढ़कर 32,783 दुर्घटनाओं में 14,185 हो गई, जबकि 2025 में 33,002 दुर्घटनाओं में 14,066 लोगों ने अपनी जान गंवाई. जुर्माने की राशि बढ़ाने के बावजूद दुर्घटनाओं में कमी नहीं आई है, इसलिए सरकार ने अब चालकों के खिलाफ सीधी कार्रवाई शुरू कर दी है.

* अब स्थायी कार्रवाई होगी
यदि कोई चालक एक वर्ष में पांच बार यातायात नियमों का उल्लंघन करता है, तो संबंधित वाहन का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा और साथ ही उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाएगा. इसका अर्थ यह है कि ऐसा चालक फिर कभी सड़क पर वाहन नहीं चला सकेगा.

* अपील करने का अवसर, लेकिन कुछ शर्तों पर
– चालान जारी होने की तारीख से वाहन मालिक को 45 दिनों की मोहलत दी जाएगी. इसके बाद, अगले 30 दिनों के भीतर जुर्माना अदा करना अनिवार्य होगा.
– वाहन मालिक चालान के विरुद्ध संबंधित प्राधिकारी के समक्ष 45 दिनों के भीतर अपील दायर कर सकते हैं. प्राधिकारी को आवेदन पर 30 दिनों के भीतर निर्णय देना अनिवार्य है. अन्यथा, चालान स्वतः रद्द हो जाएगा.
– यदि प्राधिकरण का निर्णय इसके विरुद्ध होता है, तो जुर्माना अगले 30 दिनों के भीतर अदा करना होगा. यदि चालक इससे असंतुष्ट है, तो वह न्यायालय में अपील कर सकता है. हालांकि, न्यायालय जाने से पहले, परिवहन विभाग में जुर्माने की राशि का 50 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य होगा. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने आधिकारिक राजपत्र में एक अधिसूचना प्रकाशित की है.

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