नीट की परीक्षा रद्द होने से जिले के सवा पांच हजार विद्यार्थियों का भविष्य अधर में
दो साल की कडी मेहनत पर पानी फिरा, अब दूबारा करनी होगी परीक्षा देने की तैयारी

अमरावती/दि.12- वैद्यकिय पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु इच्छूक रहनेवाले कक्षा 12 वीं की विज्ञान शाखा के लाखों छात्र-छात्राओं ने विगत 2 वर्षों से दिन रात पढाई करने के साथ ही कडी मेहनत व तैयारी करते हुए विगत 3 मई को ‘नीट’ की परीक्षा दी थी. जिसे अब पेपर लीक हो जाने की वजह को आगे करते हुए रद्द कर दिया गया हैं और अगले 10-12 दिनों में नीट की नए सीरे से परीक्षा लेने के संदर्भ में नियोजन करने की घोषणा की गई हैं. जिसके चलते देश एवं राज्यभर के विद्यार्थियों सहित अमरावती से नीट की परीक्षा में शामिल हुए करीब 5 हजार 200 छात्र-छात्राओं की दो साल की मेहनत पर पानी फिर गया है और उनकी पूरी तैयारी व मेहनत भी व्यर्थ हो गई हैं. साथ ही विगत 2 वर्षों तक दिनरात पढाई लिखाई करनेवाले बच्चों ने विगत तीन मई को नीट की परीक्षा देने के बाद अपने कॉपी, किताब को बैग में भरकर रख दिया था और पिछले 10 दिनों से राहत की सांस लेते हुए वे नीट परीक्षा का रिझल्ट आने की प्रतिक्षा कर रहे थे. लेकिन अब परीक्षा के 10 दिन बाद यह जानकारी सामने आई है कि विगत 3 मई को ली गई नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो गया था. जिसके चलते नैशनल टेस्टींग एजेंसी (एनटीए) ने केंद्र सरकार की अनुमति प्र्राप्त करते हुए विगत 3 मई को ली गई परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया हैं. साथ ही दोबारा परीक्षा लेने की बात कहते हुए परीक्षा की तारीख जल्द घोषित करने की बात भी कहीं हैं. इस जानकारी के सामने आते ही अमरावती शहर सहित जिले से नीट की परीक्षा में शामिल करी 5 हजार 200 छात्र छात्राओं ने काफी हद तक मायुसी का आलम है.
नीट की परीक्षा रद्द होने की जानकारी सामने आते ही दैनिक अमरावती मंडल ने शहर में नीट की परीक्षा हेतु विद्यार्थियों की तैयारियां करवानेवाले कई कोचिंग क्लासेस के संचालकों से संपर्क करते हुए उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाहिए तो कुछ संचालकों का कहना रहा की कुछ बडे कोचिंग संस्थानों एवं बेहद प्रभावशाली लोगों द्बारा नीट के परीक्षा परिणामों को प्रभावित करने का प्रयास किया जाता हैं. इसका खामियाजा सर्वसामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को उठाना पड रहा हैं. इससे पहले भी वर्ष 2024 में पेपर लीक होने की वजह से नीट की परीक्षा को रद्द कर नए सीरे से परीक्षा ली गई. जिसका कई विद्यार्थियों पर विपरीत असर भी हुआ था. साथ ही यह तथ्य भी उजागर हुआ था कि कुछ बेहद बडे व प्रभावशाली लोगों द्बारा बडे पैमाने पर पैसों का लेन-देन करते हुए परीक्षा होने से पहले ही रिझल्ट को अपने पक्ष में करने एवं नामांकित मेडिकल कॉलेजों की सीटों का अपने पक्ष में अलॉटमेंट करवाने का काम किया जाता हैं. ऐसी खबरों के चलते विद्यार्थियों में नीट की परीक्षा को लेकर विश्वास निश्चित तौर पर घटता हैं और नीट की पारदर्शकता पर भी सवालिया निशान लगते है.
अमरावती में नीट की परीक्षा हेतु विद्यार्थियों की तैयारी करवानेवाले कोचिंग संस्थाओं के संचालकोंं के मुताबिक कक्षा 10 वीं उत्तीर्ण होने के बाद विज्ञान शाखा से कक्षा 11वीं में प्रवेश लेने के साथ ही ज्यादातर विद्यार्थी मेडिकल पाठ्यक्रम में प्र्रवेश लेने के इच्छूक रहते हैं और मेडिकल पाठ्यक्रम में प्रवेश देने हेतु एनटीए द्बारा ली जानेवाली नीट की परीक्षा की तैयारी में जुट जाते हैं. इसके लिए विद्यार्थियों द्बारा दिनरात बस पढाई और पढाई ही की जाती हैं. इस वर्ष भी कक्षा 12 वीं की परीक्षा दे चुके विज्ञान शाखा के करीब 5 हजार 200 विद्यार्थियों ने अमरावती जिले के 14 परीक्षा केंद्र पर विगत 3 मई को नीट की परीक्षा दी थी और वे सभी परीक्षा का परिणाम घोषित होने की प्रतिक्षा कर रहे थे. परंतु महज 10 दिन के भीतर अब यह जानकारी सामने आई है कि एनटीए द्बारा 3 मई को ली गई नीट की परीक्षा को रद्द कर दिया गया हैं. जिसके चलते अब विद्यार्थियों को नए सीरे से परीक्षा देने हेतु तैयारी करनी पडेगी तथा बस्ताबंद कर दी गई कॉपी किताबों को दूबारा निकालकर एक बार फिर पढाई- लिखाई करनी होगी.

* देश की सबसे बडी परीक्षा में विद्यार्थियों के साथ खिलवाड
नीट परीक्षा हेतु विद्यार्थियों की तैयारी करवानेवाले बंसल क्लासेस के संचालक उमेश आगलावे ने बताया कि नीट की परीक्षा को देश की सबसे बडी परीक्षा माना जाता हैं. जिसमें प्रतिवर्ष देशभर से लगभग 22 से 23 लाख विद्यार्थी शामिल होते हैं. इसके बाद दुसरे नंबर पर जेईई की परीक्षा का क्रमांक आता हैं. ऐसे में नीट की परीक्षा लेनेवाली नैशनल टेस्टींग एजेंसी द्बारा परीक्षा को लेकर तमाम तरह की सावधानी व सतर्कता बरते जाने की अपेक्षा रहती हैं. परंतु इससे पहले वर्ष 2024 में भी नीट का पेपर लिक होने की वजह से परीक्षा को रद्द करना पडा था और अब दो वर्ष बाद इस बार भी वहीं स्थिति हैं. इसके चलते नीट की परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों की दो वर्ष की तैयारी और मेहनत बर्बाद हो गए हैं. जिससे उनके भविष्य पर सवालिया निशान लग गया हैं. साथ ही उनका इस परीक्षा को लेकर विश्वास भी डगमगाने लगा हैं.

* ऑफलाईन की बजाय ऑनलाइन ली जाए नीट की परीक्षा
नीट परीक्षा की तैयारी करवानेवाली पेस अकादमी की संचालिका माधुरी ढवले के मुताबिक पेपर लिक करने हेतु कुछ लोगों द्बारा लालच में आकर की जानेवाली गडबडियों का खामियाजा देशभर के लाखों विद्यार्थियों को भुगतना पडता हैं. ऐसे में पूरी परीक्षा को रद्द करने की बजाय संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. इसके अलावा पेपर लिक कैसे हुआ, इसकी जांच करते हुए भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ती न हो, इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए. क्योंकि ऐसी घटनाओं से बच्चो की मानसीकता पर असर पडता हैं. इसके अलावा जेईई की तर्ज पर नीट की परीक्षाएं भी ऑनलाइन तरीके से ली जानी चाहिए और इस परीक्षा में भी मल्टीपल ऑप्शन किया जाना चाहिए ताकि पेपर लिक व नकल जैसी बातों को टाला जा सके.
* विद्यार्थियों के शैक्षणिक नुकसान को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए
पेपर लिक जैसी वजह को आगे करते हुए एनटीए द्बारा एक झटके के साथ विगत 3 मई को ली गई नीट की पूरी परीक्षा को रद्द कर लिया गया. जिससे देशभर के लगभग 22 से 23 लाख विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं. जिनके मनोबल पर इस फैसले के चलते निश्चित तौर पर विपरित असर ही पडना हैं. हालांकि अब विद्यार्थियों को चाहिए की वे तनाव एवं निराशा का शिकार होने की बजाय ऐसा समझ ले कि 3 मई को एक प्रैक्टीस एक्झाम हुई थी और अब फाइनल पेपर होनेवाला हैं. क्योंकि विद्यार्थियों के सामने अब इसके अलावा अन्य कोई पर्याय नहीं हैं. साथ ही एनटीए ने भी भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ती को टालना चाहिए.





