पुलिस और होमगार्ड की सूझबूझ से बची ढोल बजाने वाली युवती की जान

विसर्जन जुलूस में अचानक बिगड़ी तबीयत

* महिला पुलिसकर्मी पल्लवी वानखड़े और होमगार्ड जवान प्रदीप दांडेकर ने दिखाई तत्परता
अमरावती/दि.5- शहर में गणेश विसर्जन के भव्य जुलूस के दौरान पुलिसकर्मी और होमगार्ड जवान की सतर्कता व सूझबूझ से ढोल पथक में शामिल एक युवती की जान बच गई. जुलूस के दौरान ढोल बजा रही युवती अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी. उसे सांस लेने में भी काफी परेशानी हो रही थी. नाजुक स्थिति को देखते हुए महिला पुलिसकर्मी पल्लवी वानखड़े और डायल-112 के चालक होमगार्ड जवान प्रदीप दांडेकर ने बिना समय गंवाए तत्काल मदद पहुंचाई और युवती को अस्पताल पहुंचाया.
जानकारी के मुताबिक घटना शहर कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र में विदर्भ के राजा की भव्य विसर्जन शोभायात्रा के दौरान रात करीब 8.30 बजे हुई. जुलूस में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और नागरिक शामिल थे. इसी दौरान ढोल पथक में वाद्य बजा रही एक युवती की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी. उसे सांस लेने में भी काफी परेशानी हो रही थी. उस समय पेट्रोलिंग वाहन पर महिला पुलिसकर्मी पल्लवी वानखड़े और डायल-112 के चालक होमगार्ड जवान प्रदीप दांडेकर ड्यूटी पर तैनात थे. युवती की गंभीर स्थिति देखते हुए दोनों तुरंत उसकी मदद के लिए पहुंचे और उसे पुलिस वाहन में बैठाया.
* भीड़ के बीच कुछ ही मिनटों में अस्पताल पहुंचाया
विसर्जन जुलूस के कारण शहर की सड़कों पर भारी भीड़ और यातायात की स्थिति बनी हुई थी. इसके बावजूद होमगार्ड जवान प्रदीप दांडेकर ने सूझबूझ से वाहन चलाते हुए युवती को कुछ ही मिनटों में जिला सामान्य अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में चिकित्सकों ने युवती को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया. समय पर उपचार मिलने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ. फिलहाल युवती की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर है.
* तत्परता की हो रही सराहना
घटना के बाद महिला पुलिसकर्मी पल्लवी वानखड़े और होमगार्ड जवान प्रदीप दांडेकर की तत्परता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की जा रही है. गणेश विसर्जन के दौरान भारी भीड़ के बीच युवती की गंभीर स्थिति को पहचानकर समय पर लिया गया उनका निर्णय उसके लिए जीवनरक्षक साबित हुआ.

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