‘कोणार्क’ को मंजूरी का विषय फिर रहा प्रलंबित

स्थायी समिति की बैठक हुई स्थगित, अगली बैठक 17 को

* निविदा प्रक्रिया की रिपोर्ट नहीं रखे जाने पर सभापति हुए संतप्त
अमरावती/दि.13 – कोणार्क इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को दिए गये सफाई ठेके के शामिल पार्ट बी के कामों को प्रशासकीय मंजूरी देने का विषय एक बार फिर अधर में लटक गया है. कल गुरूवार 12 अगस्त को बुलाई गई स्थायी समिति की बैठक में यह विषय स्थायी समिति के सामने रखा गया था. परंतु निविदा प्रक्रिया से संबंधित कोई भी रिपोर्ट प्रस्तुत किए बिना केवल मंजूरी हेतु प्रस्ताव रखे जाने को लेकर स्थायी समिति सभापति अविनाश मार्डीकर ने संताप व्यक्त करते हुए बैठक को स्थगित करने का निर्णय लिया और स्थगित बैठक को आगामी 17 अगस्त को बुलाने का निर्णय लेते हुए अगली सभा में सफाई ठेके की निविदा प्रक्रिया की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी प्रशासन को दिया.
इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक गत रोज स्थायी समिति की सभा में झोन क्रमांक 1,2, 4 व 5 अंतर्गत दैनंदिन कचरा संकलन, सफाई व कचरा ढुलाई के कामों को लेकर जारी निविदा के पार्ट बी में शामिल कामों को प्रशासकीय मंजूरी दिए जाने का विषय रखा गया था. परंतु इस विषय के साथ निविदा प्रक्रिया से संबंधित रिपोर्ट, दस्तावेज एवं जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई थी. जिसके चलते केवल मंजूरी का प्रस्ताव रखकर समिति के सामने विषय लाने वाले प्रशासन की कार्यपध्दति पर प्रश्नचिन्ह निर्माण हुआ. जिस पर अपनी नाराजगी जताते हुए स्थायी समिति सभापति अविनाश मार्डीकर ने बैठक को स्थगित करने का निर्णय घोषित किया. साथ ही स्थगित बैठक आगामी 17 अगस्त को बुलाने का फैसला सुनाते हुए प्रशासन को उस बैठक में सफाई ठेके की निविदा प्रक्रिया से संबंधित वस्तुनिष्ठ रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया.
खास बात यह रही कि मनपा का सभागृह अस्तित्व में आने से पहले ही प्रशासकीय मंजूरी नहीं रहने के बाजवूद सभी झोन के लिए कार्यारंभ आदेश देने का मुद्दा भी इस समय चर्चा में आ गया है. जिसके चलते अब इससे पहले दिए गये कार्यारंभ आदेश को लेकर प्रशासन को स्पष्टीकरण देना होगा. साथ ही स्थायी समिति की अगली सभा में निविदा प्रक्रिया की पूरी रिपोर्ट एवं संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद ही इस विषय पर निर्णय होगा. जिसके चलते कोणार्क को दिए गये ठेके के पार्ट बी में शामिल कामों को प्रशासकीय मंजूरी देने का विषय एक बार फिर अधर में लटक गया है.

इस संदर्भ में जानकारी व प्रतिक्रिया हेतु संपर्क किए जाने पर मनपा की स्थायी समिति के सभापति अविनाश मार्डीकर ने बताया कि मनपा के अधिकारियों ने प्रशासक राज के दौरान आम चुनाव से ऐन पहले मनमाने ढंग से काम करते हुए शहर की साफ सफाई का ठेका कोणार्क कंपनी को दिया था. जिसका सारा ठिगरा अब जनता द्बारा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सिर पर फूट रहा है. ऐसे में पार्ट बी के कामों को मंजूरी देने से पहले हमने सफाई ठेके की निविदा प्रक्रिया में हुई गडबडियां की पडताल करने का निर्णय लिया.जिसके लिए मनपा प्रशासन से इस निविदा प्रक्रिया से संबंधित हर छोटी बडी जानकारी मांगी गई है. परंतु गत रोज हुई बैठक में मनपा प्रशासन द्बारा ऐसी कोई जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई. जिसके चलते गत रोज बुलाई गई बैठक को स्थगित करते हुए आगामी सोमवार 17 अगस्त को दुबारा बैठक करने का निर्णय लिया गया और उस बैठक में प्रशासन को सफाई ठेके की निविदा प्रक्रिया को लेकर वस्तुनिष्ठ रिपोर्ट देने हेतु कहा गया है.

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