चिखलदरा में जलसंकट से निपटने के लिए नगरपालिका ने शुरू की तैयारी
नगराध्यक्ष शेख अब्दुल भाई की अध्यक्षता में बैठक

* नया टैंकर-ट्रैक्टर खरीदने, नए बांध बनाने और पुराने कुओं को पुनर्जीवित करने का निर्णय
चिखलदरा/दि.12 – चिखलदरा शहर में आगामी महीनों में संभावित जलसंकट को देखते हुए नगरपालिका ने अभी से उपाययोजना शुरू कर दी है. नगराध्यक्ष शेख अब्दुल भाई की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पानी की उपलब्धता, जलसंधारण और नागरिकों में जल बचत को लेकर जनजागृति करने पर चर्चा हुई. बैठक में शहरवासियों को साथ लेकर उनकी समस्याओं और सुझावों के आधार पर जलापूर्ति का नियोजन करने का निर्णय लिया गया.
बैठक में मुख्याधिकारी, नगर अभियंता, उपाध्यक्ष प्रमोद नाइक, पार्षद तथा पत्रकार उपस्थित थे. इस दौरान पानी की आपूर्ति के लिए नया टैंकर और ट्रैक्टर खरीदने, नए बांध बनाने तथा शहर के पुराने कुओं को पुनर्जीवित करने जैसे उपायों पर सहमति बनी. साथ ही गांव के नागरिकों के साथ बैठकें आयोजित कर पानी बचाने के उपायों पर जनजागृति करने और उनके सुझावों के अनुसार आगे की योजना तैयार करने का निर्णय लिया गया.
* आधे भरे तालाब बढ़ा रहे चिंता
नगराध्यक्ष शेख अब्दुल भाई के अनुसार, इस वर्ष चिखलदरा में पानी की भारी किल्लत होने की आशंका है. शहर को मुख्य रूप से शक्कर तालाब और कालापानी सहित जलस्रोतों से पानी उपलब्ध कराया जाता है. इस बार ये तालाब पूरी क्षमता से नहीं भर पाए हैं और लगभग आधे भरे होने के कारण आगामी दिनों में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. इसके अलावा चिखलदरा से करीब पांच किलोमीटर दूर आमझरी स्थित बोरवेल से भी शहर को पानी मिलता है. हालांकि, इस वर्ष कम बारिश और जमीन में जलस्तर घटने के कारण जनवरी-फरवरी तक बोरवेल का पानी भी कम होने या बंद पड़ने की आशंका है. ऐसे में जलस्रोतों की स्थिति का समय रहते निरीक्षण करना और पानी के उपयोग का नियोजन करना आवश्यक हो गया है.
* नागरिकों की भागीदारी से बनेगी योजना
नगरपालिका प्रशासन का मानना है कि संभावित जलसंकट से निपटने के लिए केवल प्रशासनिक उपाय पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है. इसी उद्देश्य से शहर के लोगों के साथ बैठकें कर पानी बचाने, उपलब्ध जलस्रोतों के संरक्षण और जरूरत के अनुसार जलापूर्ति की व्यवस्था पर सुझाव लिए जाएंगे.
नगराध्यक्ष शेख अब्दुल भाई ने कहा कि इस बार कम बारिश के कारण जलसंकट की आशंका को गंभीरता से लेने की जरूरत है. इसके लिए जलस्रोतों का सूक्ष्म निरीक्षण, पानी का उचित नियोजन और नागरिकों का सहयोग अपेक्षित है. नगरपालिका ने संभावित संकट को देखते हुए आवश्यक उपायों की तैयारी शुरू कर दी है.





