विधान परिषद की पांच सीटों पर मुकाबले की तस्वीर साफ

नामांकन वापसी के बाद बदले सियासी समीकरण

अमरावती में बगावत से जमकर बढ़ी चुनौती
पुणे और छ. संभाजीनगर में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
नागपुर में भी बागियों ने बढ़ाई जबरदस्त हलचल
अमरावती/दि. 10 – महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव में नामांकन वापस लेने की अंतिम समय-सीमा समाप्त होने के बाद मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट हो गई है. पुणे शिक्षक, पुणे स्नातक, नागपुर स्नातक, अमरावती शिक्षक और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं. कुछ सीटों पर प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर है, तो कहीं बागी और निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी ने अधिकृत प्रत्याशियों की चिंता बढ़ा दी है. विशेष रूप से अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कई उम्मीदवारों के मैदान में बने रहने से चुनावी समीकरण पेचीदा हो गए हैं.

* अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र : बगावत से बढ़ी चुनौती
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस की प्रा. अदिति पोहरे और शिवसेना के शिंदे गुट के किरण सरनाईक के बीच प्रमुख मुकाबला माना जा रहा है. शिवसेना के उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट के दत्तात्रय लहाने भी मैदान में हैं, जिससे यहां त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं. इस सीट पर बागियों ने भी राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है. शिंदे गुट से जुड़े पूर्व विधायक श्रीकांत देशपांडे ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया है. भाजपा विधायक राजेश वानखड़े के साले शेखर भोयर और भाजपा सांसद डॉ. अनिल बोंडे की बहन संगीता शिंदे भी मैदान में डटी हुई हैं. इन उम्मीदवारों की मौजूदगी से अधिकृत प्रत्याशियों के मतों में संभावित बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

* छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र : त्रिकोणीय मुकाबला
छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजित पवार गुट के प्रत्याशी सतीश चव्हाण और शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के दिलीप घुगे के बीच प्रमुख मुकाबला होगा. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरदचंद्र पवार गुट के प्रतापसिंह पाटील भी चुनाव मैदान में हैं. ऐसे में यहां त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन गई है.

* पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र : दत्ता सावंत भी मैदान में
पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की स्मिता जाधव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरदचंद्र पवार गुट की हर्षदा देशमुख के बीच प्रमुख मुकाबला है. पूर्व विधायक दत्ता सावंत ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी उम्मीदवारी बरकरार रखी है. उनके मैदान में बने रहने से मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं.

* पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र : कौस्तुभ गावड़े बनाम जयंत आसगावकर
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के कौस्तुभ गावड़े और कांग्रेस के जयंत आसगावकर के बीच प्रमुख मुकाबला होगा. सचिन सानप ने भी अपना नामांकन वापस नहीं लिया है. उनकी मौजूदगी से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. साथ ही महायुति के मतों में संभावित विभाजन को लेकर भी चर्चा है.

* नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र : अनिल सोले की बगावत
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सुधाकर कोहळे और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के बीच प्रमुख मुकाबला होगा. भाजपा के पूर्व विधायक अनिल सोले ने बगावत करते हुए अपना नामांकन बरकरार रखा है. वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरदचंद्र पवार गुट से जुड़े नितेश कराले भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं. ऐसे में इस सीट पर भी मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है.

* बागियों पर रहेंगी निगाहें
नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पांचों निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव प्रचार और मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की गतिविधियां तेज होंगी. अमरावती और नागपुर में बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी, जबकि पुणे और छत्रपति संभाजीनगर में अतिरिक्त प्रत्याशियों के मैदान में बने रहने से चुनावी गणित प्रभावित हो सकता है. अब सभी प्रमुख दलों के सामने अपने समर्थकों और मतदाताओं को एकजुट रखने के साथ-साथ बागियों के प्रभाव को सीमित करने की चुनौती होगी.

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