जवाहर गेट की बंद घडी शुरु की जाए
जुगलकिशोर पटेरिया की मांग

* निर्वाचित पार्षदों से की मुद्दा उठाने की अपील
अमरावती /दि.26– जवाहर गेट वॉर्ड के तत्कालीन नगर पालिका के पूर्व पार्षद जुगलकिशोर पटेरिया ने जवाहर गेट की बंद घडी को शुरु किए जाने की मांग की और उन्होंने नवनिर्वाचित मनपा पार्षदों से इस मुद्दे को उठाने की अपील की हैं.
अमरावती में जब नगरपालिका थी उस समय वर्ष 1974 में जवाहर गेट वॉर्ड से जुगलकिशोर पटेरिया विजयी हुए थे. उसके बाद 1975 की 26 जनवरी और 15 अगस्त को उन्हें जवाहर गेट पर ध्वजारोहण करने का मौका मिला. उन्होंने अपने कार्यकाल में जवाहर गेट पर नई घडी के स्तंभ की घोषणा की. यह घडी ऐतिहासिक वास्तु के रुप में रहने से उसका जतन करने उस समय शिवचंद्रराय झुनझुनवाला ने 22 हजार रुपए खर्च कर के जवाहर गेट पर यह घडी का स्तंभ बनवाया था.
भारत की स्वतंत्रता प्राप्ती की एक याद के रुप में इस घडी का नया स्तंभ बनाने का पटेरिया का संकल्प था और इसके लिए उन्होंने 2 लाख रुपए का सहयोग मनपा को सौंपने की घोषणा की थी. 1980 में नगरपालिका विसर्जित हुई और 15 अगस्त 1983 को मनपा अस्तित्व में आई. लेकिन उसके बाद अभी तक इस घडी के स्तंभ को अनदेखा किया गया. वर्ष 2015 में तत्कालीन विधायक रावसाहब शेखावत ने केंद्र से परकोटे के विकास के लिए 8 करोड रुपए मंजूर किए थे. उसमें से 33 लाख रुपए इस घडी स्तंभ के लिए थे. लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. पूर्व पार्षद पटेरिया ने कई बार इस मुद्दे को उठाया. लेकिन उनकी मांग पूर्ण नहीं हो पाई, जिससे उन्होंने नवनिर्वाचित पार्षदों को एक पत्र द्वारा जवाहर गेट पर लगी हुई घडी का पूर्व इतिहास और इस ऐतिहासिक वास्तु को कायम रखने की दिशा में उचित कदम उठाने की मांग सभी पार्षदों से की है.





