नियम अधीन वाहन भी किए जा रहे जब्त

रॉयल्टी पास रहने पर भी कार्रवाई

* कुछ कहो, तो सीधे सरकारी काम में बाधा का आरोप
* रेत ट्रांसपोर्टर्स ने पत्रपरिषद में सुनाया दुखडा
अमरावती/दि.26- रेत ढुलाई करनेवाले ट्रांसपोर्टर्स ने आरोप लगाया कि, नियम अधीन वाहन रहने पर भी और रॉयल्टी पास के बावजूद राजस्व और पुलिस अधिकारी सीधे जब्ती की कार्रवाई कर रहे हैं. कुछ कहने जाओ तो सरकारी काम में बाधा का आरोप और अपराध दर्ज किया जा रहा है. यह सरासर अन्यायकारक होने का दावा कर ट्रांसपोर्टर्स ने रेत घाट मालिक और वहां के शासकीय अधिकारियों पर एक्शन लेने का मुद्दा उठाया. आज दोपहर आयोजित प्रेसवार्ता में रेत ट्रांसपोर्टर्स सर्वश्री सचिन भोपले, पंकज देशमुख, गोपाल धर्माले, मिलिंद जवंजाल, करीम लालूवाले आदि ने उक्त पीडा बोलकर बताई.
उन्होंने 13 मुद्दे अधोरेखित किए. जिसके अनुसार एक माह से रेत ढुलाई बंद होने से वाहन मालिक, चालक, लेबर का रोजगार ठप है. वाहन मालिक केवल रेत ढुलाई करते हैं. कोई माफिया नहीं है. कामकाज ठप होने से लोन पर लिए गए वाहनों की इएमआई बकाया हो गई है. अमरावती, वर्धा और अन्य जिलो में सरकारी अधिकारी ही रेत ढुलाई में रुकावट पैदा करने का आरोप भी उक्त ट्रांसपोर्टर्स ने किया.
उन्होंने आरोप लगाया कि, वाहन नियमानुसार रहने पर, रेत का रॉयल्टी पास रहनेपर भी कार्रवाई की जा रही है. पूछने मात्र से अधिकारी ट्रांसपोर्टर्स से उलझ जाते हैं. उन पर सरकारी काम में रुकावट का दोष मढकर उन्हें सीधे नामजद किया जाता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि, अमरावती के गजानन कालबांडे की दो गाडियां पुलिस ने जब्त की थी. नागपुर उच्च न्यायालय ने दोनों वाहनों को छोडने और रॉयल्टी वाले वाहनों को पकडने का अधिकार पुलिस न होने का स्पष्ट फैसला सुनाया है.
ट्रांसपोर्टर्स ने बताया कि, जरुड के प्रशांत ठाकरे के दो वाहन एमएच-27/डीटी-7300 और एमएच-27/डीटी-907 पूर्ण रॉयल्टी के बावजूद रामटेक पुलिस द्वारा अडाकर रखे गए है. उन्होंने व्यथा बताते हुए कहा कि, तीन-तीन महिने वाहन पुलिस के पास जमा रहने से घर का पालन-पोषण, वित्त कंपनी की किश्त पेंडींग हो जाती है. जिससे वाहन चालक को संबंधित अधिकारी से समझौता करना पडता है. उन्होंने आरोप लगाया कि, अधिकारियों की भूमिका के कारण ही रेत के अवैध यातायात को प्रोत्साहन मिल रहा है.

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