पोहरा-चिरोड़ी के जंगल में बढ़ेगा बाघों का कुनबा!
पेट्रोलिंग के दौरान मिले दो बाघों के पगमार्क

वन विभाग ने मादा बाघ के जंगल में पहुंचने की जताई संभावना, कैमरों से निगरानी
अमरावती/दि.30 – अमरावती जिले के पोहरा-चिरोड़ी जंगल में पिछले कुछ वर्षों से विचरण कर रहे नर बाघ के बीच अब एक मादा बाघ की मौजूदगी के संकेत मिले हैं. चिरोड़ी वन विभाग की टीम को जंगल में गश्त के दौरान बाघ के पैरों के निशान मिले हैं. वन विभाग ने पगमार्क के आधार पर यह संभावना जताई है कि एक मादा बाघ भी जंगल में पहुंची है. इससे पोहरा-चिरोड़ी वन क्षेत्र में बाघों का कुनबा बढ़ने की उम्मीद जगी है.
* गश्त के दौरान मिले पगमार्क
चिरोड़ी वन विभाग के वनरक्षक और वनकर्मियों को नियमित गश्त के दौरान जंगल में बाघ के पैरों के निशान दिखाई दिए. अधिकारियों के अनुसार, पोहरा-चिरोड़ी जंगल में एक नहीं बल्कि दो बाघों के पगमार्क मिले हैं. पगमार्क के आकार और बनावट के आधार पर नर और मादा बाघ की पहचान करने में मदद मिलती है. चांदूर वन परिक्षेत्र अधिकारी शीतल घुटे और वडाली वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रदीप भांडे के मार्गदर्शन में चिरोड़ी सर्कल अधिकारी अविनाश वानखड़े, पोहरा सर्कल अधिकारी होमकांत सोरते सहित वनरक्षक और वनकर्मियों की टीम जंगल में लगातार निगरानी कर रही है.
* तीन साल से मौजूद है नर बाघ
वन विभाग के अनुसार, पोहरा-चिरोड़ी जंगल में एक नर बाघ पिछले करीब तीन वर्षों से वडाली और चांदूर रेलवे वन क्षेत्र में सक्रिय है. अब मादा बाघ के पगमार्क मिलने से इस क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ने की संभावना को लेकर वन विभाग सतर्क हो गया है.
* जंगली जानवरों की गतिविधियां भी बदलीं
बाघ की मौजूदगी के कारण जंगल में रहने वाले तेंदुए, हिरण, नीलगाय, सांभर और चीतल जैसे वन्यजीवों की गतिविधियों में भी बदलाव देखा जा रहा है. बाघ कब और किस दिशा में विचरण करेगा, इसका निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल होता है. इसी वजह से वन विभाग ने बाघों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए हैं.
* वन विभाग की लगातार निगरानी
वन विभाग की टीम पगमार्क के आधार पर बाघों की गतिविधियों का अध्ययन कर रही है. कैमरों से प्राप्त तस्वीरों और अन्य संकेतों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि जंगल में मौजूद बाघों की वास्तविक संख्या कितनी है और मादा बाघ किस क्षेत्र में सक्रिय है. बाघों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने जंगल से सटे क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी है.





