नगरसेवकों को कानून और सदन संचालन का प्रशिक्षण

सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी जोर

* मनपा अधिनियम की जानकारी के बिना प्रभावी जनप्रतिनिधित्व संभव नहीं
* एक दिवसीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण टिप्स
अमरावती/दि.8 – मनपा के कामकाज में नगरसेवकों की भूमिका को अधिक प्रभावी और जिम्मेदार बनाने के लिए शनिवार को अमरावती मनपा एवं अखिल भारतीय स्थानीय स्वराज्य संस्था, नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में नगरसेवकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई. मनपा अधिनियम, सदन की कार्यप्रणाली, प्रश्न पूछने की प्रक्रिया और सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल को प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनाया गया.
डॉ. पंजाबराव देशमुख प्रबोधिनी सभागृह में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन महापौर श्रीचंद तेजवानी ने किया. इस अवसर पर महानगरपालिका आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले, उपमहापौर सचिन भेंडे, स्थायी समिति सभापति अविनाश मार्डीकर, सदन नेता चेतन गावंडे, विपक्ष के नेता विलास इंगोले, गुटनेता नाना आमले, डॉ. राजेंद्र तायडे, शेख हमीद शेख वाहेद सहित बड़ी संख्या में नगरसेवक एवं नगरसेविकाएं उपस्थित थीं.
* कानून की जानकारी से ही प्रभावी तरीके से उठा सकेंगे नागरिकों के मुद्दे
प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नगरसेवकों को केवल अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मनपा अधिनियम, नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी भी होना जरूरी है. पुणे मनपा के पूर्व सहायक आयुक्त एवं नगरसचिव शिवाजीराव दौंडकर ने मनपा अधिनियम की महत्वपूर्ण धाराओं, जनप्रतिनिधियों के अधिकार एवं कर्तव्यों, प्रशासन के साथ समन्वय और सदन में प्रश्न उठाने की प्रक्रिया पर मार्गदर्शन किया.
* सदन में सवाल उठाने से लेकर चर्चा तक की प्रक्रिया समझाई
छत्रपति संभाजीनगर मनपा के पूर्व नगरसचिव एड. महबूबखां पठाण ने सदन संचालन और सभाशास्त्र की जानकारी दी. उन्होंने सदन की कार्यवाही, नियमों का पालन, विभिन्न विषयों पर चर्चा और प्रश्न पूछने की उचित प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही प्रभावी बनाने के लिए नगरसेवकों को नियमों और प्रक्रियाओं का ज्ञान होना आवश्यक है. इससे नागरिकों की समस्याओं को अधिक प्रभावी और नियमबद्ध तरीके से प्रशासन के सामने रखा जा सकता है.
* सोशल मीडिया भी बना जनप्रतिनिधियों के लिए महत्वपूर्ण माध्यम
कार्यशाला में सोशल मीडिया प्रबंधन पर भी विशेष मार्गदर्शन किया गया. नागरिकों तक अपने कार्यों की जानकारी पहुंचाने, शिकायतों और सुझावों को समझने तथा डिजिटल माध्यम से संवाद स्थापित करने के लिए सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया. विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया के सकारात्मक इस्तेमाल के साथ ही जनप्रतिनिधियों को डिजिटल मंचों पर जिम्मेदारी से संवाद करने की आवश्यकता बताई.
* प्रमाणपत्र देकर किया गया सम्मान
कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रशिक्षण में सहभागी नगरसेवकों और नगरसेविकाओं को मान्यवरों के हाथों प्रमाणपत्र वितरित किए गए. इस दौरान कहा गया कि कानून, नियम, सदन की कार्यप्रणाली और आधुनिक तकनीक का ज्ञान जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कार्यशाला के माध्यम से नगरसेवकों को अपने संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की जानकारी मिली. नागरिकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने और प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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