अमरावती के किन्नर की नागपुर में आत्महत्या

अस्पताल में खाट पर ही लगाया फांसी का फंदा

नागपुर/दि.7- रेल हादसे में दायां पैर कट जाने से अवसाद में आए एक तृतीयपंथी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. गुरुवार को मेडिकल के अस्थिरोग विभाग के वॉर्ड नंबर 18 में यह घटना सामने आई. इस घटना से चिकित्सा क्षेत्र में हड़कंप मच गया है.
राधिका मोहन जाधव (35) ऐसा वॉर्ड की खाट पर ही बैंडेज से फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले तृतीयपंथी का नाम है. राधिका मूल रूप से अमरावती जिले की रहने वाली थी. अमरावती में हुए रेल हादसे में राधिका जाधव का पैर पूरी तरह काटना पड़ा था. शुरुआत में अमरावती के इर्विन अस्पताल में उसका इलाज किया गया. इसके बाद आगे के इलाज के लिए उसे मेडिकल के अस्थिरोग विभाग में भर्ती किया गया था.
हादसे के बाद दायां पैर कट जाने से राधिका दर्द और मानसिक पीड़ा से जूझ रही थी. गुरुवार सुबह वह वॉर्ड में खाट पर ही जख्म बांधने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बैंडेज से फांसी लगाए हुए मिली. सुबह सफाई कर रहे कर्मचारी को यह घटना दिखाई दी, जिसके बाद पूरे परिसर में खलबली मच गई. इस घटना से चिकित्सा क्षेत्र हिल गया है. घटना के बाद मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. अजनी पुलिस ने घटना की पुष्टि की है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
* वॉर्ड नंबर 18 में खाट पर ही लगाया फांसी का फंदा
जानकारी मिलते ही अजनी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. अप्रैल महीने में हुए एक भीषण रेल हादसे में उसने अपना दायां पैर पूरी तरह गंवा दिया था. हादसे के बाद वह लगातार असहनीय दर्द और पीड़ा से परेशान थी और लंबे समय से अस्पताल में इलाज करा रही थी. गहरे अवसाद में चले जाने के कारण उसने यह कदम उठाया. राधिका ने वॉर्ड में उपलब्ध बैंडेज और मेडिकल पट्टियों का इस्तेमाल कर फंदा तैयार किया; उसे अस्पताल की खाट से बांधा और उसी का इस्तेमाल कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. फिलहाल अजनी पुलिस इस मामले की गंभीरता से और गहराई से जांच कर रही है.
* आत्महत्या से पहले वीडियो के जरिए दिया संदेश
हादसे के बाद पैर कट जाने से अवसाद में डूबी राधिका जाधव ने आत्महत्या से पहले मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्ड कर अपनी पीड़ा व्यक्त की. पहले ही परिवार और समाज ने ठुकराया. अब हादसे के कारण जीवन पूरी तरह बर्बाद हो गया. इसलिए अब जीने का कोई अर्थ नहीं बचा है, ऐसा कहते हुए राधिका ने अपनी जीवन यात्रा समाप्त करने की भावना व्यक्त की.

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