मेलघाट में पहली बार दौड़ी आदिवासी युवा शक्ति, वनसंवर्धन का दिया संदेश

वन्यजीव सप्ताह के तहत सेमाडोह में 10 किमी रनिंग स्पर्धा

240 से अधिक युवक-युवतियों ने लिया हिस्सा
पुलिस-सैन्य भर्ती की तैयारी करने वालों को मिला अपनी क्षमता परखने का अवसर
अमरावती/दि.5 – सातपुड़ा पर्वत श्रृंखला में बसे मेलघाट के जंगलों के संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा का संदेश लेकर शनिवार को पहली बार सैकड़ों आदिवासी युवक-युवतियां जंगल की पगडंडियों पर दौड़ीं. वन्यजीव सप्ताह के अवसर पर सेमाडोह में वन विभाग और कुला संस्था की ओर से पहली बार रनिंग स्पर्धा का आयोजन किया गया. इसमें मलघाट के विभिन्न गांवों से 240 से अधिक आदिवासी युवक-युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
* जंगल के बीच 10 किलोमीटर की दौड़
सेमाडोह तथा आसपास के जंगल क्षेत्र में पहली बार करीब 10 किलोमीटर दूरी की रनिंग स्पर्धा आयोजित की गई. चिखलदरा, गटांग, बिहाली, धारणी, हरिसाल, माखला सहित मेलघाट के अनेक गांवों से युवा इस स्पर्धा में पहुंचे. जंगल के करीब रहकर नियमित रूप से दौड़ने का अभ्यास करने वाले युवाओं के लिए यह आयोजन अपनी क्षमता को प्रतियोगी माहौल में परखने का अवसर बना.
मेलघाट के अनेक युवा पुलिस, सेना और वन विभाग की भर्ती की तैयारी करते हैं. वे नियमित रूप से दौड़ का अभ्यास करते हैं, लेकिन अपनी वास्तविक क्षमता को प्रतियोगिता के स्तर पर जांचने का अवसर उन्हें कम ही मिलता है. इस मैराथन के माध्यम से युवाओं को अपनी गति और सहनशक्ति को परखने का मौका मिला.
* युवतियों ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
स्पर्धा में केवल युवाओं ने ही नहीं, बल्कि युवतियों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया. सुबह से ही सेमाडोह परिसर में स्पर्धकों की भीड़ जुटने लगी थी. तेज धूप के बावजूद प्रतिभागियों ने 10 किलोमीटर का लक्ष्य पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी. ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र की युवा पीढ़ी का यह उत्साह आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा.
* वन विभाग ने की मार्ग की विशेष तैयारी
स्पर्धा को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा कुला संस्था के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सुबह सात बजे से ही तैयारी में जुट गए थे. प्रतिभागियों को रास्ता समझने में परेशानी न हो, इसके लिए पूरे मार्ग पर मार्किंग की गई. दूरी की जानकारी देने के लिए विभिन्न स्थानों पर संकेत के रूप में पत्थर लगाए गए. साथ ही स्पर्धकों के लिए मार्ग में जगह-जगह पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई.
* दौड़ के साथ वन्यजीव संरक्षण का संदेश
वन्यजीव सप्ताह के तहत आयोजित इस स्पर्धा का उद्देश्य केवल युवाओं को अपनी शारीरिक क्षमता जांचने का अवसर देना ही नहीं था, बल्कि मेळघाट के जंगल, वन्यजीव और वनसंपदा के संरक्षण के प्रति स्थानीय युवाओं में जागरूकता पैदा करना भी था. जंगल के सान्निध्य में आयोजित इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को वनसंपदा के महत्व को करीब से समझने का अवसर मिला. वनपाल प्रवीण निर्मल ने बताया कि स्पर्धा को इतना बड़ा प्रतिसाद मिलने की अपेक्षा नहीं थी. स्पर्धा की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से केवल एक दिन पहले दी गई थी. इसके बावजूद 200 से अधिक युवक-युवतियों का इसमें शामिल होना महत्वपूर्ण रहा. सीपनावन्य विभाग के वनपाल अभय चंदेल ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से मेळघाट के युवाओं को अपनी क्षमता परखने का अवसर मिला. साथ ही वन्यजीव सप्ताह के माध्यम से जंगल और वन्य प्राणियों के महत्व का संदेश भी युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया गया.
* विजेताओं को नकद पुरस्कार
स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. पहली ही बार आयोजित इस स्पर्धा को मिले उत्स्फूर्त प्रतिसाद से मेळघाट के युवाओं के लिए भविष्य में इस तरह के खेल आयोजनों की संभावनाएं सामने आई हैं. कुला संस्था के प्रमुख राकेश महल्ले ने कहा कि पहले ही प्रयास में जिस तरह युवाओं ने भागीदारी की, उससे इस क्षेत्र में खेल गतिविधियों के लिए अच्छी संभावना दिखाई देती है.

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