भोंदू अशोक खरात की मुश्किलें बढ़ीं

42.88 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने दाखिल किया 3000 पन्नों का आरोपपत्र

मुंबई /दि.18- खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर कथित रूप से श्रद्धालुओं और बड़े कारोबारियों से करोड़ों रुपये ठगने के आरोपों का सामना कर रहे अशोक एकनाथ खरात उर्फ ‘भोंदू कैप्टन बाबा’ की मुश्किलें बढ़ गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 42.88 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष पीएमएलए अदालत में करीब 3000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है. ईडी के आरोपपत्र में अशोक खरात, उसकी पत्नी कल्पना खरात समेत कुल छह लोगों को आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसी ने अदालत में 37 गवाहों के बयान भी पेश किए हैं.
* अंधविश्वास के नाम पर ठगी का आरोप
आरोपपत्र में दावा किया है कि अशोक खरात लोगों पर प्रभाव जमाने और खुद को चमत्कारी शक्तियों वाला बताने के लिए कई तरीके अपनाता था. आरोप है कि वह रिमोट कंट्रोल से चलने वाले नकली सांप और बाघ की खाल का इस्तेमाल कर लोगों को प्रभावित करता था. जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ महिला भक्तों को संदिग्ध नशीली दवाएं दी जाती थीं. कथित तौर पर चमत्कारी इलाज और धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर साधारण इमली के बीज लाखों रुपये में बेचे जाते थे. आरोप है कि पत्थर और शहद की बोतलों के लिए भी भारी रकम वसूली जाती थी.
* अमीरों को डर दिखाकर ऐंठे पैसे
ईडी के अनुसार, खरात का निशाना खास तौर पर आर्थिक रूप से संपन्न लोग होते थे. आरोप है कि वह लोगों को परिवार के किसी करीबी सदस्य की मौत या कारोबार बर्बाद होने का डर दिखाकर ‘अवतार पूजा’ और विशेष धार्मिक विधियों के नाम पर बड़ी रकम लेता था.
* 142 बेनामी बैंक खातों का खुलासा
जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित तौर पर ठगी से जुटाए गए पैसों को सफेद करने के लिए खरात और उसके सहयोगियों ने विभिन्न सहकारी पतसंस्थाओं में 142 बेनामी बैंक खाते खोले थे. जगदंबा माता ग्रामीण बिगरशेती सहकारी पतसंस्था (सिन्नर) में 34 खाते होने का ईडी का आरोप है कि इन खातों के जरिए पैसों का लेन-देन कर रकम को नासिक, अहमदनगर, पुणे, सोलापुर और मुंबई जैसे शहरों में रियल एस्टेट और महंगी संपत्तियों में लगाया गया.
* करोड़ों की संपत्ति जब्त
ईडी की कार्रवाई में कथित तौर पर बड़ी मात्रा में संपत्ति और नकदी जब्त की गई है. जांच एजेंसी के अनुसार
– नकद राशि : 13.92 करोड़ रुपये
– विदेशी मुद्रा : 5.18 लाख रुपये
– सोना-चांदी के आभूषण : 1.12 करोड़ रुपये
– बैंक जमा : 2.60 करोड़ रुपये
– वाहन : लग्जरी मर्सिडीज-बेंज कार
– कुल जब्त/फ्रीज की गई चल संपत्ति : 17.70 करोड़ रुपये
– अस्थायी रूप से जब्त अचल संपत्ति : 19.20 करोड़ रुपये
जांच के दौरान अशोक खरात की सोलापुर जिले में जमीन खरीद का मामला भी सामने आया है. दस्तावेजों के अनुसार, उसने प्रस्तावित शक्तिपीठ महामार्ग के रास्ते में आने वाले कलमण गांव में करीब 11 एकड़ से अधिक जमीन खरीदी थी. मार्च 2024 के एक सौदे में कलमण गांव के गट नंबर 200/1 की 4.48 हेक्टेयर जमीन खरात के नाम दर्ज की गई. इस जमीन की खरीद कीमत करीब 2.40 करोड़ रुपये बताई गई है.

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