अन्नाभाऊ साठे के विचारों को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि
कलाकार प्रमोद पोकले का प्रतिपादन

* पुण्यतिथि पर कलाकारों ने किया अभिवादन
अमरावती /दि.18- मराठी साहित्य सम्राट, महान समाज सुधारक और लोकतंत्रवादी अन्नाभाऊ साठे, जिन्होंने अपनी कलम और आवाज़ की ताकत से संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में बड़ा योगदान दिया, दलितों और दबे-कुचले लोगों के न्याय और अधिकारों के लिए साहित्य रचा और समाज में जागरूकता पैदा की. स़िर्फ चौथी क्लास तक पढ़े अन्नाभाऊ ने कई नॉवेल, कहानियों और कविताओं के कलेक्शन की एक बड़ी लाइब्रेरी बनाई, रूस जैसे देशों में भी लोकप्रियता हासिल की और कविताओं के ज़रिए सामाजिक क्रांति लाई. आज की नई पीढ़ी उनके सामाजिक कामों और विचारों को आगे बढ़ाएगी, जो उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी, ऐसा दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो के लोक कलाकार प्रमोद पोकले ने कहा.
कलाकार और साहित्यिक आधार संघ, अमरावती की ओर से दलित मित्र उत्तमराव भैसने की उपस्थिति में लोकशाहीर अन्नाभाऊ साठे के स्मृति दिवस पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और नमन किया. इस अवसर पर राजर्षि शाहू महाराज ज्येष्ठ साहित्यकार और कलाकार मानधन सम्मान योजना अमरावती जिला चयन समिति के सदस्य प्रमोद पोकले गुरुजी बोल रहे थे. उन्होंने यह भी कहा कि अन्नाभाऊ साठे के बहुत प्रसिद्ध उपन्यास ’फकीरा’ को महाराष्ट्र सरकार से पुरस्कार मिला है और उनके कई उपन्यासों का रूसी और दुनिया की दूसरी भाषाओं में अनुवाद हो चुका है.
इस अवसर पर दलित मित्र उत्तमराव भैसने, गुरुदेव सेवा मंडल के महानगर उप सेवा अधिकारी रविंद्र बन और गायक प्रकाश वानखड़े ने भी गीत के रूप में श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर कलावंत एंड साहित्यिक आधार संघ, अमरावती के कोऑर्डिनेटर प्रमोद पोकले, प्रकाश वानखड़े, रवींद्र बन, सुभाष सुने, हभप गणेश खंडार, नरेंद्र सपाटे, दिनकर कांडलकर, शिवाजी उंबरकर, मनोज संभे, विजय दारोकर, अरुण महाजन, ओमकार वानखड़े, सागर खंडारे, गोपाल भैसने, किशोर इंगले, सतीश खंडारे, दीपक चव्हाण, बबलू इंगले समेत कई आर्टिस्ट मौजूद थे.





