जिला प्रशासन के कामकाज पर पालकमंत्री ने जताई नाराजी
जिलाधिकारी सहित सीईओ को दिए कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश

अमरावती/दि.18- शुक्रवार 17 जुलाई को जिला नियोजन समिति की बैठक में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जिला प्रशासन के कामकाज पर तीव्र नाराजगी जताते हुए अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के सख्त निर्देश प्रशासन को दिए.
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार 17 जुलाई को दोपहर से लेकर रात तक चली मैराथन नियोजन समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई. जिनमें जिले में कानून सुव्यवस्था पर भी घंटों तक चर्चा की गई. पुलिस अधीक्षक के अलावा पुलिस आयुक्त को अपराध की बढती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए कार्यक्षमता बढाने के आदेश दिए गए, अगर भविष्य में यही हाल रहा, तो संबंधित पुलिस अधिकारी की वेतन वृद्धि रोकने की भी चेतावनी दी गई. इसके अलावा अवैध लेआउट पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए.
शहर में बढती अपराधिक घटनाओं को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण शहर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए आखिरकार डीपीडीसी से 200 करोड रुपए मंजूर किए जाने की भी महत्वपूर्ण जानकारी पालकमंत्री ने दी. इसके अलावा सांसदों और विधायकों को डीपीडीसी से मिलनेवाली निधि में बढोतरी किए जाने के निर्देश भी दिए गए है. साथ ही सभी नगर परिषदों का पांच वर्षों का ऑडिट कराने के निर्देश पालकमंत्री ने दिए.
* कुर्सीयों से उठों और गांव का जायजा लो
बैठक में पालकमंत्री बावनकुले ने जिलाधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि, कुर्सीयो से उठो और सप्ताह में दो बार गांव-गांव जाकर जायजा लो, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्या से प्रशासन रुबरु हो सके.
* 750 करोड में से एक रुपए का भी घपला नहीं होगा बर्दाश्त
अमरावती शहर के दौरे पर रहते समय पालकमंत्री बावनकुले को सुबह से लेकर शाम तक शहर तथा जिले के राजनीतिक दलों के अलावा कई सामाजिक संगठनों की ओर से अपनी मांगों के ज्ञापन सौंपे गए. कुल मिलाकर 400 ज्ञापन पालकमंत्री बावनकुले को सौंपे गए. जिनमें अधिक तर अमरावती शहर से जुडे बताए गए है और खासकर शहर की बिगडती कानून सुव्यवस्था पर पालकमंत्री को अधिक शिकायते प्राप्त हुई है. जिस कारण पालकमंत्री ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाताते हुए सख्त भूमिका अपनाते हुए काम करने के निर्देश दिए और कहा कि, 750 करोड की डीपीडीसी की निधि में से एक रुपए का भ्रष्टाचार यानि घपला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
* मनपा आयुक्त और सीईओ को लगाई फटकार
शहर तथा जिले के महत्वपूर्ण और प्रलंबित विकास कार्यो के प्रकल्पों की फाइले सरकारी कार्यालय में प्रलंबित होने की शिकायत भी पालकमंत्री को प्राप्त हुई थी. जिसके चलते उन्होंने मनपा आयुक्त तथा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सभी विभाग प्रमुखों से विकास कार्यो का प्रस्ताव प्राप्त न होने की नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कडे शब्दों में कहा कि, अब मनपा आयुक्त और सीईओ भी सुधर जाए अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार है. कुल मिलाकर घंटो चली मैराथन बैठक में पालकमंत्री बावनकुले ने एक ही बैठक में शहर सहित संपूर्ण जिले की मुख्य समस्या, प्रलंबित विकास कार्य और नागरिकों से जुडी मूलभूत सुविधाओं पर गहन चर्चा की तथा सभी विभाग प्रमुखों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए.