कुएं में पानी आया, पिता ने दोनों बेटों को बुलाया
लेकिन पल भर में तीनों ही डूब गए

छत्रपती संभाजी नगर/दि.11 – राज्य में पिछले कुछ दिनों से लगातार विभिन्न दुर्घटनाएं हो रही हैं. इसी बीच अब छत्रपती संभाजीनगर के सिलोद तालुका के धानोरा गांव से एक कलेजा कपा देने वाली घटना सामने आई है. अपने खेत में कुएं का काम करते समय अचानक मिट्टी का ढेर गिरने से पिता समेत उनके दो युवा बेटों की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना से पूरे जिले में शोक व्याप्त है और इलाके में दुख जताया जा रहा है.
धानोरा के किसान बाजीराव सर्जेराव काकडे (49) के खेत में पिछले कुछ दिनों से नए कुएं का काम चल रहा था. इस कुएं की खुदाई लगभग 50 फीट तक पूरी हो चुकी थी. सौभाग्य से कुएं में अच्छा पानी भी लगा था. कुएं का काम अंतिम चरण में था. कुएं की मुंडेर (कठड़ा) का निर्माण कार्य चलते समय यह दुर्घटना हुई.
सोमवार को कुएं में जमा पानी निकालने के लिए बाजीराव काकडे और उनके दो बेटे आजिनाथ काकडे (26) व शाम काकडे (22) कुएं में उतरे थे. ये तीनों काम में व्यस्त थे कि तभी अचानक कुएं की ऊपरी मुंडेर और किनारे की मिट्टी भारी मात्रा में नीचे आ गई. कुछ समझने से पहले ही मिट्टी का विशाल ढेर इन तीनों पर गिर गया. इसके बाद वे तीनों 50 फीट गहरे कुएं में ढेर के नीचे दब गए, जिससे दम घुटने के कारण तीनों का मौके पर ही अंत हो गया.
* गांव पर दुखों का पहाड़
इस घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने कुएं की ओर दौड़ लगाई. शुरुआत में कुएं से मिट्टी हटाकर उन्हें बाहर निकालने के प्रयास शुरू हुए. लेकिन ढेर बड़ा होने के कारण ग्रामीणों को सफलता नहीं मिली. इसके बाद पुलिस प्रशासन की मदद से उनकी तलाश की गई. दुर्भाग्य से इस घटना में बाजीराव काकडे सहित उनके दोनों युवा बेटों की मृत्यु होने की पुष्टि हुई. एक ही परिवार के तीन कमाऊ पुरुषों का इस तरह भीषण अंत होने से काकडे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.





