नागपुर, वर्धा जेल की जमीनें बेचेगी सरकार
कारागार होंगे अन्यत्र स्थापित

* सैकडों करोड मिलने की उम्मीद
* अभी तो क्षमता से दोगुने ठूसे हैं कैदी
मुंबई/दि.11 – ऐतिहासिक कारागार को धरोहर के रुप में जतन करने की बजाए उन्हें तोडकर जमीन बेचने जा रही है. अधिकृत सूत्रों के हवाले से दी गई खबर के अनुसार नागपुर, वर्धा और ठाणे की जेल को शहर से बाहर स्थानांतरित कर वहां की बहुमूल्य जमीन बेचने का सरकार का इरादा है. इस बारे में प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है. बता दें कि, विदर्भ की दोनों जेल नागपुर तथा वर्धा का निर्माण ब्रिटिशकाल में किया गया था. दोनों ही जगह देश के स्वाधिनता सेनानियों को रखा गया था. फिलहाल दोनों कारागार में क्षमता दोगुने कैदी सजायाप्ता है. इस बीच जेल अधिकारी ने ऐसे प्रस्ताव की पुष्टि करते हुए बताया कि, सुरक्षा की दृष्टि से भी सरकार शहर से बाहर कारागार स्थानांतरित करने जा रही है. मौजूदा भूमि खुले मार्केट बेचकर सरकार करोडों रुपए बनाएगी.
* वर्धा की जेल इंजापुर में
अतिरिक्त मुख्य सचिव (कारागार) राधिका रस्तोगी ने स्वीकार किया कि, ऐसा प्रस्ताव मिल चुका है. प्रस्ताव को हामी भी दी गई है. कारागार स्थानांतरित करने की प्लानिंग शुरु है. वर्धा की जेल शहर से 7 किमी दूर इंजापुर में स्थापित होगी. उसकी मौजूदा जगह 15 एकड है. उसे सरकार बेचने जा रही है. नई जगह पर 100 एकड विस्तृत कारागार बनेगा.
* 1845 में बनी थी जेल
वर्धा की जेल को ऐतिहासिक कहा जा सकता है. यहां अनेक प्रसिद्ध स्वाधीनता सेनानियों को रखा गया था. लॉर्ड हार्डींग के गवर्नर जनरल रहते 1845 में वर्धा जेल बनाई गई थी. उस समय मात्र 252 कैदियों की क्षमता थी. आज क्षमता से दोगुना बंदी यहां रखे जा रहे हैं. जेल परिसर में ही अस्पताल और इसाई प्रार्थना गार मौजूद है. वरिष्ठ अधिकारी ने भी जेल स्थानांतरण करने को लेकर प्रस्ताव रहने की बात स्वीकार की.
* नागपुर से 20 किमी दूरी पर रहेगी जेल
नागपुर की लगभग दो हजार बंदी क्षमता के कारागार को शहर से 20 किमी दूर चिचोली में स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव की जानकारी देते हुए बताया गया कि, शहर के बीचोबीच स्थित लगभग 100 एकड में वर्तमान कारागार विस्तृत है. जहां 22 हजार से अधिक पेड-पौधे भी है. ऐसे में जमीन का उपयोग अन्य कारकों के लिए सरकार करने जा रही है. यह भी दावा किया गया कि, नागपुर के कई राजनेताओं ने यहां की जमीन इनकैश करने की मांग अनेक बार उठाई है. ऐसे में नागपुर की ऐतिहासिक जेल को भी शिफ्ट किया जा रहा है. नागपुर प्रदेश में पुणे के बाद एकमात्र कारागार है, जहां फांसी की सजा दिए जाने की व्यवस्था है. यहां कई बरस पहले मुंबई बम कांड के आरोपी याकूब मेमन को फांसी की सजा दी गई थी.
* गृह विभाग का प्रस्ताव मंजूर
गृह विभाग के अधिकारियों की माने तो ठाणे जेल को भी हटाया जा रहा है. उसेे आमने गांव में 50 एकड में बनाया जाएगा. यह गांव नागपुर-मुंबई समृद्धि हाईवे के पास स्थित है. अभी ठाणे फोर्ट एरिया में लगभग 44 एकड जमीन पर कारागार है.





