ऊर्ध्व वर्धा परियोजना से खरीफ सिंचाई के लिए तीन चरणों में जलापूर्ति प्रस्तावित
किसानों से आवेदन करने की अपील

अमरावती /दि.29-– ऊर्ध्व वर्धा परियोजना से खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त जलसंचय उपलब्ध रहने की स्थिति में किसानों को तीन चरणों में जलापूर्ति करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इसके लिए लाभ क्षेत्र के किसानों से 31 जुलाई तक आवेदन करने की अपील की गई है.
सिंचाई विभाग के अनुसार दाहिने मुख्य नहर के प्रारंभ से 95.50 किलोमीटर तक तथा बाईं मुख्य नहर के 42.40 किलोमीटर तक के लाभ क्षेत्र में आने वाली सभी वितरिकाओं, जलाशय से अधिसूचित नदी-नालों के लाभधारकों को खरीफ सीजन में पानी उपलब्ध कराया जाएगा. जहां वितरण व्यवस्था के माध्यम से आसानी से पानी पहुंचाया जा सकता है, वहां ‘टेल एंड से हेड’ यानी अंतिम छोर से प्रारंभिक छोर की दिशा में सिंचाई की जाएगी. खरीफ सीजन के दौरान 1 जुलाई से 14 नवंबर 2026 तक मांग के अनुसार तीन पानी पालियां देने की योजना है. नहर प्रवाह अथवा नहर, नदी और नालों पर स्वीकृत उपसा सिंचाई योजनाओं के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी लेने वाले किसानों को पानी मांग आवेदन फॉर्म नंबर 7 संबंधित शाखा कार्यालयों में नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है. किसानों से यह फॉर्म भरकर 31 जुलाई तक जमा करने का आग्रह किया गया है.
सिंचाई विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत क्षेत्र में नहर से पानी लेने वाली खेत नाली और कुएं पर आधारित खेत नाली के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी होना आवश्यक है. लाभ क्षेत्र में नहर से 35 मीटर तक की दूरी पर स्थित कुओं के पानी से सिंचित गन्ना, कपास, केला और फल बागानों जैसी नगदी फसलों के लिए सिंचाई अधिनियम के अनुसार प्रवाही सिंचाई के मूल दर का 50 प्रतिशत शुल्क लागू रहेगा. ऊर्ध्व वर्धा परियोजना के कार्यकारी अभियंता ने लाभधारक किसानों से योजना को सफल बनाने के लिए आवश्यक सहयोग करने की अपील की है.





