आरटीओ में प्रमोशन का ‘शुक्रवार’ कब आएगा? बैठक के बाद भी फाइल अटकी

डेढ़ साल से इंतजार कर रहे एआरटीओ अधिकारी

* अंतिम आदेश में हो रही देरी से बढ़ी नाराज़गी
अमरावती /दि.30– राज्य के परिवहन विभाग में कार्यरत एआरटीओ पिछले एक से डेढ़ वर्ष से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी उम्मीदों को अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है. सब-रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर पद पर पदोन्नति के लिए पिछले शुक्रवार को बांद्रा पूर्व स्थित राज्य परिवहन आयुक्त कार्यालय में सिविल सर्विसेज बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में पदोन्नति के पात्र अधिकारियों के नामों को अंतिम रूप दे दिया गया. अब केवल पदस्थापना और अंतिम आदेश जारी होना बाकी है. इसके बावजूद प्रमोशन आदेश जारी नहीं होने से अधिकारियों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है.
सूत्रों के अनुसार, सिविल सर्विसेज बोर्ड की बैठक में सभी पात्र एआरटीओ अधिकारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया था. फाइल को अंतिम मंजूरी के लिए परिवहन मंत्री के पास भेजा गया, लेकिन अब तक उस पर अंतिम हस्ताक्षर नहीं हो सके हैं. बताया जा रहा है कि परिवहन मंत्री के लगातार दौरे और व्यस्त कार्यक्रमों के कारण फाइल लंबित पड़ी हुई है. हालांकि, विभाग के अंदर यह भी चर्चा है कि प्रशासनिक स्तर पर ढिलाई के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है. 22 मई को हुई बैठक को एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन संवेदनशील मानी जा रही यह फाइल अभी भी परिवहन आयुक्त कार्यालय और मंत्रालय के बीच अटकी हुई है. इससे संबंधित अधिकारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है.
* परिवहन आयुक्त ने क्या कहा?
परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर ने कहा कि सिविल सर्विसेज बोर्ड की बैठक 22 मई को हुई थी. एआरटीओ अधिकारियों के प्रमोशन प्रस्ताव की फाइल सरकार को भेज दी गई है. अंतिम मंजूरी मिलते ही अधिकारियों को पदस्थापना दे दी जाएगी.
* अधिकारी संघ ने जताई नाराज़गी
महाराष्ट्र कार्यकारी अधिकारी संघ के अध्यक्ष बजरंग खरमाटे ने कहा कि असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसरों की पदोन्नति की फाइल परिवहन मंत्रालय में लंबित है. उन्होंने माना कि इस प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हुई है और यह काम पहले ही पूरा हो जाना चाहिए था. उनका कहना है कि सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद भी प्रमोशन रोकना आश्चर्यजनक है.
* ‘इन एडवांस जी फॉर्म’ भरने के बाद भी इंतजार
जानकारी के मुताबिक, पदोन्नति प्रक्रिया को तेज करने के लिए कई अधिकारियों ने एक वर्ष पहले ही ‘इन एडवांस जी फॉर्म’ जमा कर दिए थे. सभी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद आदेश जारी नहीं होने से अधिकारी निराश हैं. लंबे समय से एक ही पद पर कार्यरत रहने के कारण विभागीय स्तर पर भी असंतोष बढ़ रहा है.

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