अकोला जेल में मौतों का सिलसिला!
दो दिन में दो विचाराधीन कैदियों की मौत से मचा हड़कंप

अकोला/दि.30- जिला कारागृह में बंद दो विचाराधीन कैदियों की लगातार दो दिनों में इलाज के दौरान मौत होने से पूरे शहर में सनसनी फैल गई है. दोनों कैदियों की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सर्वोपचार अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही दोनों ने दम तोड़ दिया. इस घटना ने जेल प्रशासन, पुलिस विभाग और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मिली जानकारी के अनुसार, मृत कैदियों में दीपक रामदास चातारकर (42, बेलखेड़, तहसील तेल्हारा) को 22 मई को हत्या के एक मामले में तेल्हारा कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा था. सोमवार 25 मई की रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. जेल प्रशासन ने आनन-फानन में उन्हें सर्वोपचार अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया.
इस घटना का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अगले ही दिन मंगलवार 26 मई को बुलढाणा जिले के जिगांव निवासी प्रल्हाद पांडुरंग रायपुरे (46) की भी जेल में तबीयत बिगड़ गई. उन्हें भी तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई. रायपुरे को 29 जनवरी को बुलढाणा जिला सत्र न्यायालय ने आईपीसी की धारा 302 के तहत न्यायिक हिरासत में भेजा था. लगातार दो दिनों में दो विचाराधीन कैदियों की मौत ने जिला कारागृह प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जेल में कैदियों की स्वास्थ्य जांच, उपचार व्यवस्था और मेडिकल सुविधाओं को लेकर अब चर्चा तेज हो गई है. लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर जेल के अंदर कैदियों की तबीयत इतनी बिगड़ी कैसे और समय रहते पर्याप्त इलाज क्यों नहीं मिल सका?
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में भी अकोला जिला मध्यवर्ती कारागृह में चार विचाराधीन कैदियों की मौत का मामला सामने आया था, जिसने पूरे राज्य में खलबली मचा दी थी. अब एक बार फिर ऐसी घटना सामने आने से प्रशासन कटघरे में आ गया है. फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने दोनों मौतों की सूचना संबंधित पुलिस थानों को दे दी है. पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया गया है और अब सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मौत की असली वजह सामने आ सकेगी.





