शर्म आनी चाहिए, दवा तो दूर मरीजों को पानी भी नहीं मिल रहा
बच्चू कडू का अस्पताल प्रशासन पर हमला

* पति को पीठ पर उठाकर डॉक्टर खोजती रही महिला
* वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल पहुंचे विधायक
अकोला/दि.9 – अकोला के शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल में एक महिला द्वारा अपने बीमार पति को पीठ पर उठाकर डॉक्टर की तलाश करने की घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिवसेना नेता एवं विधायक बच्चू कडू ने अस्पताल का दौरा कर प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे बच्चू कडू ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल में दवाइयों की बात तो दूर, मरीजों को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो रहा है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसी स्थिति पर शर्म आनी चाहिए और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए.
* वायरल वीडियो से मचा हड़कंप
वायरल वीडियो में एक महिला अपने गंभीर रूप से बीमार पति को पीठ पर उठाकर अस्पताल परिसर में डॉक्टर और उपचार कक्ष की तलाश करती दिखाई दे रही है. महिला के एक हाथ में छोटा बच्चा था और उसके शरीर पर सामान से भरा बैग भी बंधा हुआ था. इसके बावजूद वह अपने पति के इलाज के लिए अस्पताल में इधर-उधर भटकती नजर आई. बताया जा रहा है कि महिला अस्पताल पहुंची तो उसे व्हीलचेयर या स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया. मजबूरी में उसने अपने पति को पीठ पर उठाकर उपचार के लिए ले जाने का प्रयास किया. वीडियो सामने आने के बाद राज्यभर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई.
* अस्पताल में घूमकर काम कीजिए
अस्पताल प्रशासन के साथ बैठक के दौरान बच्चू कडू ने अधिकारियों से कहा कि अधिष्ठाता और वरिष्ठ अधिकारी केवल कार्यालय में बैठकर काम न करें, बल्कि नियमित रूप से वार्डों का दौरा करें. उन्होंने कहा कि कई वार्डों में पीने के पानी की सुविधा तक नहीं है और मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है. कडू ने कहा, रोज अस्पताल का निरीक्षण कीजिए. एक जगह बैठकर क्या करते हैं? मरीजों की समस्याओं को समझिए. दवा तो दूर, यहां लोगों को पानी तक नसीब नहीं हो रहा. अगर व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो हम शिवसेना शैली में आंदोलन करेंगे.
* परिजनों ने भी सुनाई समस्याएं
अस्पताल में मौजूद मरीजों के परिजनों ने भी बच्चू कडू के सामने अपनी शिकायतों का अंबार लगा दिया. उन्होंने पर्याप्त सुविधाओं के अभाव, कर्मचारियों की कमी और उपचार में होने वाली देरी जैसी समस्याओं की जानकारी दी.
* अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि महिला को सहायता देने के लिए सुरक्षा कर्मचारी पहुंच रहे थे, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही महिला अपने पति को लेकर आगे बढ़ गई. प्रशासन का दावा है कि अस्पताल कर्मचारियों ने आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई थी. प्रशासन के अनुसार, मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर स्वयं कक्ष से बाहर आए और बेंच पर ही उसकी प्राथमिक जांच की. इसके बाद उसे आगे के उपचार के लिए औषधि विभाग में भेजा गया. अस्पताल कर्मचारियों ने बाद में मरीज को व्हीलचेयर पर बैठाकर बाह्य रोगी विभाग क्रमांक 104 तक पहुंचाया.
हालांकि वायरल वीडियो और अस्पताल में अव्यवस्थाओं के आरोपों के बाद सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इन शिकायतों के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है.