पत्नी ने किडनी देकर बचाई पति की जान

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 76वां किडनी प्रत्यारोपण सफल

अमरावती /दि.15 – अमरावती के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 76वां किडनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया. अकोला जिले के बार्शी टाकली तहसील के सारकिन्ही निवासी 38 वर्षीय विनोद महादेवराव आंबेकर पिछले दो वर्षों से डायलिसिस पर थे. लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे विनोद के लिए चिकित्सकों ने किडनी प्रत्यारोपण को स्थायी उपचार का बेहतर विकल्प बताया.
पति की तकलीफ और परिवार की स्थिति को देखते हुए उनकी 27 वर्षीय पत्नी हर्षदा विनोद आंबेकर ने अपनी एक किडनी पति को देने का निर्णय लिया. पत्नी के इस त्याग से विनोद को नया जीवन मिला. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत यह किडनी प्रत्यारोपण निःशुल्क किया गया. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल अमरावती में आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है. इसका लाभ लेने के लिए केवल अमरावती ही नहीं, बल्कि विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों से भी मरीज यहां पहुंच रहे हैं.
यह सफल प्रत्यारोपण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमोल नरोटे और विशेष कार्य अधिकारी डॉ. मंगेश मेंढे के मार्गदर्शन में किया गया. इसमें नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अविनाश चौधरी, यूरो सर्जन डॉ. राहुल पोटोडे, डॉ. विक्रम देशमुख, डॉ. प्रतीक चिरडे, डॉ. विशाल बाहेकर तथा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. रोहित हातगांवकर, डॉ. बालकृष्ण बागवाले, डॉ. दीपाली देशमुख, डॉ. अश्विनी मढावी, डॉ. शीतल सोलंकी, डॉ. विक्रांत कुलमेथे, डॉ. माधव ढोपरे, डॉ. जयश्री पुसदेकर, डॉ. नाहीद, डॉ. रमणीय, डॉ. उज्ज्वल अभ्यंकर, डॉ. प्रियंका कांबले और डॉ. श्रद्धा जाधव सहित पूरी चिकित्सा टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
इसके अलावा समाजसेवा अधीक्षक (चिकित्सा) शीतल बोंडे, ऋषिकेश धस, डॉ. सोनाली चौधरी, महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना की एमसीओ डॉ. पायल रोकड़े, डॉ. दिव्यानी मुंदाने, कल्याणी गाढवे तथा अधिसेविका चंदा खोडके और मालती प्रधान के मार्गदर्शन में नर्सिंग, आहार, औषधि और अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भी प्रत्यारोपण प्रक्रिया में सहयोग किया. पत्नी द्वारा पति को किडनी दान करने के इस फैसले ने एक बार फिर साबित किया कि मुश्किल समय में परिवार का साथ और त्याग किसी के लिए नया जीवन बन सकता है.

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