ऑटोस्विच से एक साथ पंप चालू हुए तो ट्रांसफॉर्मर पर बढ़ेगा लोड
सही क्षमता का कैपेसिटर लगाने से बिजली का नुकसान और मोटर-केबल पर दबाव कम करने में मिलेगी मदद

अमरावती/दि.29 – जिले में बारिश की कमी के कारण फसलों की सिंचाई के लिए किसान अब कुएं, बोरवेल और अन्य जलस्रोतों पर निर्भर हैं. बिजली मिलने के सीमित समय का अधिकतम उपयोग करने के लिए कई किसान खेती के पंपों में ऑटोस्विच लगा रहे हैं. हालांकि, बिजली आपूर्ति शुरू होते ही एक ही क्षेत्र के कई पंप एक साथ चालू होने पर बिजली व्यवस्था पर अचानक अधिक भार पड़ने की आशंका रहती है. इससे मोटर, केबल और ट्रांसफॉर्मर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है.
* बारिश के अभाव में पंपों पर बढ़ी निर्भरता
सोयाबीन, कपास और अरहर जैसी फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों में उपलब्ध जलस्रोतों से सिंचाई कर रहे हैं. बिजली कुछ घंटों के लिए मिलने के कारण कई किसान रात के समय या खेत पर मौजूद नहीं रहने की स्थिति में मोटर को अपने आप शुरू करने के लिए ऑटोस्विच का उपयोग करते हैं.
* एक साथ मोटर शुरू होने से बढ़ता है लोड
ऑटोस्विच बिजली आपूर्ति शुरू होते ही पंप को स्वत: चालू कर देता है. लेकिन यदि एक ही क्षेत्र में बड़ी संख्या में पंपों पर ऑटोस्विच लगा हो, तो बिजली आते ही कई मोटर एक साथ शुरू हो सकती हैं. मोटरों के एक साथ स्टार्ट होने से शुरुआती करंट बढ़ता है और इससे स्थानीय बिजली नेटवर्क पर अचानक अतिरिक्त भार पड़ सकता है. लगातार ओवरलोड, कम वोल्टेज और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण ट्रांसफॉर्मर तथा वितरण लाइनों पर भी असर पड़ सकता है. इसके चलते बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना रहती है.
* सही क्षमता का कैपेसिटर जरूरी
महावितरण के अधिकारियों के अनुसार, खेती के पंप की मोटर में उसकी क्षमता के अनुरूप कैपेसिटर लगाने से रिएक्टिव लोड की भरपाई करने में मदद मिलती है. इससे विद्युत प्रणाली में करंट लॉस और मोटर पर पड़ने वाला अनावश्यक दबाव कम किया जा सकता है. महावितरण अमरावती के अधीक्षक अभियंता दीपक देवहाते के मुताबिक कैपेसिटर मोटर के विद्युत कनेक्शन पर लोड के समानांतर लगाया जाता है. इसकी क्षमता मोटर की एचपी, मोटर के प्रकार और विद्युत कनेक्शन की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुसार निर्धारित की जानी चाहिए.
* हर मोटर के लिए एक जैसा कैपेसिटर नहीं
पंप की एचपी क्षमता और मोटर के प्रकार के आधार पर कैपेसिटर की क्षमता अलग-अलग होती है. इसलिए सभी पंपों में एक ही क्षमता का कैपेसिटर लगाना उचित नहीं है. सही क्षमता का कैपेसिटर लगाने से मोटर द्वारा खींचे जाने वाले करंट को नियंत्रित करने और विद्युत हानि कम करने में मदद मिल सकती है.
* 300 से 500 रुपये में कैपेसिटर
बाजार में सामान्य तौर पर कैपेसिटर की कीमत करीब 300 से 500 रुपये तक बताई जाती है. सही क्षमता का कैपेसिटर लगाने से मोटर, केबल और अन्य विद्युत उपकरणों पर अनावश्यक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है. इससे उपकरणों की कार्यक्षमता बनाए रखने और उनकी उपयोगी उम्र बढ़ाने में भी सहायता मिल सकती है.





