बालक पर अत्याचार करने वाले नराधम को 20 साल सश्रम कारावास
दत्तापुर थाना क्षेत्र की एक वर्ष पूर्व की घटना

अमरावती/दि.29 – केवल 12 साल के शालेय छात्र पर अप्राकृतिक कृत्य करने वाले 57 वर्षीय नाराधम को स्थानीय जिला व सत्र न्यायालय ने 20 साल सश्रम कारावास और 55 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है. न्यायालय ने यह फैसला सोमवार 28 सितंबर को सुनाया. केवल साढे 11 माह में इस प्रकरण का फैसला सुनाया गया. सजा सुनाये गये आरोपी का नाम धामणगांव रेल्वे तहसील निवासी सतीश पूरनलाल परसोने है.
दत्तापुर थाना क्षेत्र के सातवीं कक्षा में पढने वाले एक छात्र को सतीश परसोने दुकान के छिटपूट काम करने के बहाने बुलाता था. 13 अक्तूबर 2025 की शाम घर में कोई न रहते आरोपी ने दुकान का सामान रखने के बहाने बालक को बुलाया. पश्चात बालक का कडा विरोध रहने के बावजूद आरोपी ने उस पर अप्राकृतिक अत्याचार किया. भयभित बालक ने घर जाकर सारी हकीकत अपनी मां को बतायी. दत्तापुर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया. जांच के बाद जार्चशीट अदालत में दाखिल की गई. जिला व सत्र न्यायाधीश (2) यशवंत आनंद गोस्वामी के न्यायालय में प्रकरण की सुनवाई हुई. सरकारी पक्ष की तरह से सहायक विशेष सहकारी अभियोक्ता एड. रणजीत भेटालू ने कुल 10 गवाहों को परखा. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 55 हजार रुपए जुर्माना सुनाया. जुर्माने की 50 हजार रुपए पीडित बालक को देने के आदेश दिये. इस प्रकरण में पीडित बालक द्वारा दी गई गवाही महत्वपूर्ण साबित हुई. वैद्यकीय सबूत निर्णायक साबित हुए. विशेष यानि घटना के बाद आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया गया. तब से वह कारागृह में है. ऐसी जानकारी विशेष सहकारी वकील रणजीत भेटालू ने की.





