संकल्प, संघर्ष और सफलता की मिसाल बने यश तिवारी

सीए की परीक्षा उत्तीर्ण कर किया शहर का नाम रोशन

धामणगांव रेलवे /दि.20 – शहर के होनहार एवं विप्र समाज के गौरव यश तिवारी ने चार्टर्ड अकाउंटंट (सीए) की सबसे कठिन एवं प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अपने माता-पिता, परिवार, समाज और शहर का नाम रोशन किया है. संकल्प, संघर्ष और सफलता की मिसाल बने यश तिवारी विप्र समाज के प्रतिष्ठित तथा भारतीय स्टेट बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी मधुसूदन तिवारी के सुपुत्र है तथा तिलक चौक स्थित कृष्णा डेली निड्स के संचालक गोपाल तिवारी के भतीजे है.
यश ने बचपन से ही अपने जीवन का लक्ष्य स्पष्ट कर लिया था. जहां अधिकांश विद्यार्थी डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना देखते है. वहीं यश की रुचि शुरु से ही वित्तिय प्रबंधन, अकाउंटिंग एवं इकॉनॉमिक्स जैसे विषयों में रही. इसी रुचि के चलते उसने चार्टर्ड अकाउंटंट बनने का संकल्प लिया. समय-समय पर परिवार की ओर से उसे अन्य क्षेत्रों में करिअर बनाने की भी सलाह मिली, लेकिन यश ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया. आत्मविश्वास, दृढ इच्छाशक्ति और सतत परिश्रम के बल पर उसने अपने सपने को साकार किया.
कठिन परिस्थिति और चुनौतियों के बावजूद उसने अनुशासन एवं समर्पण के साथ अध्ययन किया और सफल रहा. अधिकांश युवा मनोरंजन और अन्य आकर्षणों में व्यस्त रहते है, तब उसने अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी निष्ठा के साथ मेहनत करना जारी रखा और लगन, संघर्ष तथा अटूट विश्वास के चलते उसने सीए जैसी कठिन परीक्षा उत्तीर्ण कर सफलता का नया अध्याय लिखा. यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है. जो अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते है. उसने सिद्ध कर दिया कि, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, आत्मविश्वास मजबूत हो और प्रयास इमानदारी से हो, तो निश्चित ही सफलता प्राप्त होती है.
यश की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विप्र समाज, नगर के गणमान्य नागरिकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा हर्ष व्यक्त करते हुए उसे व उसके परिवार को शुभकामनाएं दी. ‘सपने वहीं सच होते है, जिनके लिए संघर्ष करने का साहस हो.’ यश तिवारी की यह सफलता आज शहर के युवाओं के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का विषय बन गई है.

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