जमीन पर कब्जा करने से पहले ही मोबाइल पर मिलेगा अलर्ट

भूमि अभिलेख विभाग की ‘ई-संदेश’ प्रणाली से जमीन संबंधी लेन-देन की जानकारी एसएमएस से मिलेगी

अमरावती/दि.13- जमीन के लेन-देन में होने वाली धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रिकॉर्ड में बदलाव और अनधिकृत हस्तांतरण को रोकने के लिए भूमि अभिलेख विभाग ने ‘ई-संदेश’ डिजिटल प्रणाली शुरू की है. इस व्यवस्था के तहत जमीन मालिकों को उनकी संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड में होने वाले बदलाव की जानकारी सीधे मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से मिलेगी.
* जमीन हड़पने की घटनाओं पर लगेगा अंकुश
जमीन के मालिकाना हक में अनधिकृत बदलाव, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लेन-देन तथा जमीन की धोखाधड़ी से बिक्री जैसी घटनाओं को देखते हुए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है. जमीन मालिकों के लिए अपने भूमि रिकॉर्ड में होने वाले बदलावों की जानकारी समय पर मिलना बेहद जरूरी है.
* मोबाइल पर आएगा अलर्ट
‘ई-संदेश’ प्रणाली के माध्यम से संबंधित जमीन के रिकॉर्ड में कोई बदलाव होने पर मालिक को मोबाइल पर संदेश भेजा जाएगा. इससे जमीन मालिक को अपने 7/12 उतारे, प्रॉपर्टी कार्ड और फेरफार रिकॉर्ड में होने वाली गतिविधियों की जानकारी समय रहते मिल सकेगी.
* ऑनलाइन उपलब्ध हैं भूमि रिकॉर्ड
भूमि अभिलेख विभाग के डिजिटल सिस्टम के चलते राज्य में जमीन और संपत्ति से संबंधित विभिन्न रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हैं. नागरिक 7/12, प्रॉपर्टी कार्ड और फेरफार रिकॉर्ड जैसी जानकारी डिजिटल माध्यम से देख सकते हैं.
* ‘ई-संदेश’ के फायदे
– जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव की तत्काल जानकारी मिलेगी.
– फेरफार और अन्य रिकॉर्ड में होने वाले बदलावों पर नजर रखी जा सकेगी.
– अनधिकृत लेन-देन की जानकारी समय पर मिल सकती है.
– बार-बार सरकारी कार्यालय जाने की आवश्यकता कम होगी.
– जमीन मालिक अपनी संपत्ति के रिकॉर्ड को लेकर अधिक सतर्क रह सकेंगे.
* मोबाइल नंबर लिंक करना जरूरी
जिला अधीक्षक भूमि अभिलेख महेश कुमार शिंदे ने बताया कि किसानों और संपत्ति मालिकों को अपने अपडेटेड मोबाइल नंबर को 7/12 और प्रॉपर्टी कार्ड से लिंक कराना चाहिए. इसके लिए महाभूमि पोर्टल की संबंधित ऑनलाइन सुविधा का उपयोग किया जा सकता है अथवा संबंधित भूमि अभिलेख कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है.
* ऐसे काम करेगी ‘ई-संदेश’ प्रणाली
सबसे पहले जमीन मालिक को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका मोबाइल नंबर संबंधित भूमि रिकॉर्ड से जुड़ा हुआ है. इसके बाद महाभूमि की उपलब्ध ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से ‘ई-संदेश’ सेवा को सक्रिय किया जा सकता है. रिकॉर्ड में जमीन से संबंधित कोई गतिविधि या बदलाव होने पर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए सूचना प्राप्त होगी. भूमि अभिलेख विभाग की यह डिजिटल पहल जमीन से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड में होने वाले बदलावों की निगरानी मजबूत करने के साथ ही भूमि संबंधी धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने में मददगार साबित हो सकती है.

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